जिला अस्पतालों में सशक्त होगी नेत्र चिकित्सा सेवा

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

सात निश्चय-3 के तहत जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे Eye OPD और Eye OT, गैप एनालिसिस का निर्देश जारी

पटना, 29 जुलाई 2026। राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में संचालित Eye OPD तथा Eye Operation Theatre (Eye OT) की सुविधाओं का अंतर-विश्लेषण (Gap Analysis) कराने और आवश्यक आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में राज्य के 25 जिला अस्पतालों में मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। अब सभी जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में उपलब्ध नेत्र चिकित्सा सुविधाओं और आवश्यक उपकरणों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। गैप एनालिसिस रिपोर्ट के आधार पर आधुनिक चिकित्सा उपकरणों एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि चरणबद्ध तरीके से राज्यभर में नेत्र सर्जरी सेवाओं का विस्तार किया जा सके।

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स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को नेत्र रोगों के उपचार एवं ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। इसके लिए जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को उसके निकटतम सरकारी अस्पताल में बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। Eye OPD और Eye OT को आधुनिक संसाधनों से सशक्त किए जाने के बाद नेत्र रोगों का समय पर उपचार और ऑपरेशन जिला स्तर पर ही संभव होगा। इससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी तथा अनावश्यक रेफरल की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सभी जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (IPHS) के अनुरूप Eye OPD एवं Eye OT में उपलब्ध उपकरणों की समीक्षा कर वास्तविक आवश्यकता का आकलन किया जाएगा। जिन अस्पतालों में उपकरणों की कमी पाई जाएगी, वहां चरणबद्ध तरीके से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि अस्पतालों में उपलब्ध सभी उपकरणों का सत्यापन BEMMP पोर्टल के माध्यम से किया जाए, ताकि उपकरणों की उपलब्धता एवं उपयोगिता की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। साथ ही सभी अस्पतालों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गैप एनालिसिस रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य समिति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।