– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
व्यवस्था सुधार के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे
पटना, 25 अगस्त। अस्पतालों के निरीक्षण का उद्देश्य केवल खामियां तलाशना नहीं, बल्कि मरीजों को हो रही परेशानियों और स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर कार्य के लिए आवश्यक सुविधाओं को समझना भी है। व्यवस्था में सुधार के लिए दोनों पक्षों पर गंभीरता से काम करना जरूरी है। यह बात स्वास्थ्य मंत्री ने कही।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान उनका ध्यान केवल कमियों पर नहीं रहता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि मरीजों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए किन संसाधनों और सहयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यदि नियम बनाने पड़ें, अनुशासन पर जोर देना पड़े या कड़े फैसले लेने की आवश्यकता हो, तो बिहार की जनता के हित में ऐसे फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे संस्थागत सुधार में विश्वास रखते हैं और इसके लिए लगातार काम कर रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और मरीजों के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जहां स्वास्थ्यकर्मियों को संसाधन, सुविधाओं या सहयोग की आवश्यकता होगी, वहां सरकार बिना देरी उनके साथ खड़ी होगी।
उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मियों से पूरी निष्ठा और सेवाभाव के साथ कार्य करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा उनकी जिम्मेदारी है, जबकि स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरतों का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रत्येक मरीज बेहतर इलाज और भरोसे के साथ अस्पताल से लौटे तथा प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी पूरे मनोयोग से अपनी जिम्मेदारी निभा सके।

