जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट, सभी विभागों को दिए निर्देश

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एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

कम वर्षापात के बीच डीएम रिची पांडे ने पेयजल व्यवस्था की समीक्षा कर कंट्रोल रूम, टैंकर आपूर्ति और त्वरित मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा

सीतामढ़ी, 31 जुलाई। जिले में कम वर्षापात के कारण संभावित जल संकट की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी रिची पांडे की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (पीएचईडी) द्वारा संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल की उपलब्धता, “हर घर नल का जल” योजना की वर्तमान स्थिति, भू-जल स्तर में आई गिरावट तथा वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी रिची पांडे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के किसी भी गांव या टोले में पेयजल संकट उत्पन्न नहीं होने दिया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करने को कहा।

बैठक में प्रत्येक प्रखंड एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, “हर घर नल का जल” योजना को शत-प्रतिशत क्रियाशील बनाए रखने तथा जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर नीचे चला गया है और लोग चापाकलों पर निर्भर हैं, वहां आवश्यकता अनुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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जिलाधिकारी ने छूटे हुए टोलों में “हर घर नल का जल” योजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा पंचायत राज विभाग से हस्तांतरित योजनाओं की नियमित मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पंचायत में मरम्मत दल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्य में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाली एजेंसियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी।

समीक्षा बैठक के दौरान पीएचईडी के सभी कनीय अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित रहने तथा मुख्यालय में आवासित रहने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी पेयजल योजनाओं का प्रतिदिन भौतिक निरीक्षण करने तथा खराब मोटर, पाइपलाइन, वाल्व अथवा विद्युत संबंधी खराबियों का 24 घंटे के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने जलापूर्ति योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने हेतु संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने तथा शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) बृजकिशोर पांडेय, कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी के सभी सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।