– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
बोकारो, 4 अगस्त। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो की प्राइमरी विंग के तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव ‘धरोहर’ का शुभारंभ मंगलवार को अंतर-सदन समूह तबला वादन प्रतियोगिता के साथ हुआ। दूसरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने तीनताल और झपताल की जटिल लयकारी का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे नन्हे कलाकारों ने तबले पर अपनी साधना, अनुशासन और संगीत के प्रति समर्पण का परिचय दिया। तीनताल और झपताल के क्लिष्ट बोलों की सटीक प्रस्तुति ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया। प्रतियोगिता में बच्चों की लयबद्धता, बोलपढ़ंत, निकास और सामूहिक समन्वय विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
प्रतियोगिता के परिणामों में जमुना सदन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। गंगा सदन और रावी सदन संयुक्त रूप से उपविजेता बने, जबकि चेनाब सदन ने तृतीय स्थान हासिल किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार के स्वागत और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण ही सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को संगीत और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में इन क्षेत्रों में करियर की अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों से स्वयं पर विश्वास रखने और दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासन सपनों और सफलता के बीच सबसे मजबूत सेतु है।
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प्रतियोगिता का मूल्यांकन वरिष्ठ संगीत शिक्षकों भास्कर रंजन डे, विक्की आनंद पाठक और मृत्युंजय भट्टाचार्य ने किया। कार्यक्रम का संचालन छात्र शिवम श्री और अवनी सिया ने प्रभावी ढंग से किया।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, सांस्कृतिक उत्सव ‘धरोहर’ के अगले चरण में बुधवार को अंतर-सदन समूहगान प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें विद्यार्थी अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

