आरती हेंब्रम हत्याकांड का खुलासा, तीन गिरफ्तार

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– Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher

पेड़ से लटका मिला शव हत्या का निकला मामला, प्रेमी और उसके माता-पिता पर गला घोंटकर हत्या का आरोप

बोकारो, 06 अगस्त। बोकारो जिले के जरीडीह थाना क्षेत्र के बनचास टोला चट्टीगोड़ा स्थित जंगल किनारे पेड़ से लटका मिला 20 वर्षीय आरती हेंब्रम का शव आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला निकला। पुलिस ने वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए मृतका के प्रेमी तथा उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

मृतका की पहचान तेनुघाट ओपी क्षेत्र के पिथौरिया गांव निवासी आरती हेंब्रम के रूप में हुई है। मामले की जानकारी देते हुए बेरमो डीएसपी रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मृतका की मां बुंदी देवी की लिखित शिकायत पर जरीडीह थाना में कांड संख्या 133/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरती हेंब्रम और बनचास टोला निवासी 19 वर्षीय मनोज मरांडी के बीच करीब डेढ़ वर्ष से प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार, 2 अगस्त को मनोज मरांडी शादी का भरोसा देकर आरती को अपने घर ले गया था। हालांकि, मनोज के माता-पिता ने इस संबंध का विरोध किया और आरती के घर में रहने पर आपत्ति जताई। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के दौरान 4 अगस्त की शाम तीनों आरोपियों ने मिलकर आरती की गला दबाकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद शव को पेड़ से लटकाया

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद साक्ष्य छिपाने और मामले को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव को घर के पीछे बाड़ी में एक पेड़ पर गमछे के सहारे लटका दिया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन तथा उसके कपड़ों से भरा बैग भी बरामद किया है।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपियों में मनोज मरांडी, उसके पिता नाजीर मरांडी तथा माता सरस्वती देवी शामिल हैं। न्यायालय में पेश करने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में जरीडीह थाना प्रभारी विपिन चंद्र महतो, एसआई विकास कुमार विश्वकर्मा, संजीव कुमार तथा थाना पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आगे भी जारी रहेगी।