20 साल बाद घर लौटा लापता पति, पत्नी की सूनी मांग में फिर सजा सिंदूर

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Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher

गोविंदपुर बस्ती में भावुक पुनर्मिलन, ढोल-नगाड़ों के साथ ग्रामीणों ने किया परशुराम महतो का स्वागत

बोकारो थर्मल, 11 जुलाई : बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र अंतर्गत गोविंदपुर बस्ती मंगलवार को उस समय भावुक और अविस्मरणीय पल की गवाह बनी, जब करीब 20 वर्षों से लापता परशुराम महतो अचानक अपने पैतृक घर लौट आए। लंबे समय से पति की राह देख रही पत्नी मालती देवी सहित पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परशुराम के लौटने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए और ढोल-नगाड़ों तथा गाजे-बाजे के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।

2007 में राजस्थान गए थे परशुराम, फिर नहीं लौटी कोई खबर

बताया जाता है कि स्व. रेवतलाल महतो के पुत्र परशुराम महतो वर्ष 2007 में रोजी-रोटी की तलाश में अपने साथी पवित्र तथा चार-पांच अन्य लोगों के साथ राजस्थान गए थे। कुछ समय बाद उनके साथ गए अन्य साथी वापस गांव लौट आए, लेकिन परशुराम उनके साथ नहीं लौटे। साथियों के अनुसार, वह अचानक लापता हो गए थे।

परिजनों ने राजस्थान सहित विभिन्न स्थानों पर उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन लंबे समय तक उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान परिवार ने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया। परशुराम के पिता का भी निधन हो गया। समय बीतने के साथ उनके लौटने की उम्मीद धीरे-धीरे कमजोर पड़ती गई, लेकिन पत्नी मालती देवी ने अपने पति के प्रति विश्वास बनाए रखा।

20 साल बाद पति को सामने देख छलक उठीं आंखें

मंगलवार को जब परशुराम महतो अचानक अपने घर के आंगन में पहुंचे, तो देखते ही देखते यह खबर पूरे गोविंदपुर बस्ती में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए। दो दशक लंबे इंतजार के बाद पति-पत्नी के आमने-सामने आने का दृश्य बेहद भावुक था। परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीणों की आंखें भी खुशी और भावुकता से नम हो गईं।

पत्नी की सूनी मांग में फिर सजा सिंदूर

पुनर्मिलन के इस भावुक अवसर पर ग्रामीण महिलाओं और अन्य लोगों की मौजूदगी में परशुराम महतो ने अपनी पत्नी मालती देवी की मांग में दोबारा सिंदूर भरा। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला रहा। लंबे इंतजार के बाद पति को जीवित देखकर मालती देवी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

ग्रामीणों ने कहा कि करीब दो दशक बाद किसी लापता व्यक्ति का इस तरह सुरक्षित घर लौटना बेहद असाधारण घटना है। पूरे गांव में इसे परिवार के लिए खुशी का क्षण और लंबे इंतजार के बाद मिले सुखद परिणाम के रूप में देखा गया।

मालती देवी ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने इतने वर्षों तक अपने पति के लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी थी। उनके अनुसार, आखिरकार उनका विश्वास और इंतजार सफल हुआ।

परशुराम महतो के घर लौटने से गोविंदपुर बस्ती में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इस पुनर्मिलन को प्रेम, विश्वास और धैर्य की भावुक मिसाल बताया।