– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
विश्व उद्यमी दिवस पर ‘यूथ कनेक्ट’ के तहत ‘स्टार्टअप पटना’ कार्यशाला, 100 से अधिक उद्यमियों ने साझा किए अनुभव
पटना, 22 अगस्त 2026। युवाओं को स्टार्टअप एवं उद्यमिता के प्रति प्रेरित करने, उनकी नवाचार क्षमता को प्रोत्साहित करने तथा पटना में स्टार्टअप के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से ‘यूथ कनेक्ट’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘स्टार्टअप पटना’ विषय पर उद्यमियों के साथ कार्यशाला आयोजित की गई। समाहरणालय में आयोजित कार्यशाला में 100 से अधिक उद्यमियों एवं युवाओं ने भाग लिया।
कार्यशाला में जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े अपने अनुभव उद्यमियों के साथ साझा किए और आगे बढ़ने के रास्तों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जो देश स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे हैं, वे समृद्धि की राह पर भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों में भी स्टार्टअप के क्षेत्र में बेहतर कार्य हो रहे हैं और सरकार ऐसे नवाचारों को सहयोग देने के लिए तत्पर है।
कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक स्टार्टअप संचालित कर रहे उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा अपने उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन एवं प्रस्तुतीकरण किया। उद्यमियों ने बताया कि नई सोच, नवीन तकनीक और नवाचार के माध्यम से जटिल कार्यों को सरल बनाया जा सकता है, कम लागत में बेहतर सेवाएं विकसित की जा सकती हैं तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप ने प्रस्तुत किए नवाचार
कार्यशाला में साजिया कैसर ने ‘रिवाइवल शू लॉन्ड्री प्राइवेट लिमिटेड’ के बारे में जानकारी दी। यह बिहार में अपनी तरह की अभिनव शू लॉन्ड्री है, जहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से जूतों की सफाई एवं रिपेयरिंग के साथ बैग की सफाई और नवीनीकरण का कार्य किया जाता है।
दक्षिण कोरिया से बिहार आकर स्टार्टअप शुरू करने वाले विभूति विक्रमादित्य ने ‘स्मार्टवे इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ की जानकारी दी। यह स्टार्टअप मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और ICU मरीजों की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित कर रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार से उन्हें स्टार्टअप के क्षेत्र में काफी सहयोग मिला।
साधना झा ने ‘अंकुरम रोबो प्राइवेट लिमिटेड’ के माध्यम से रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और इससे जुड़ी नवीन तकनीक पर आधारित अपने स्टार्टअप की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 25 लाख रुपये से शुरू किया गया उनका व्यवसाय अब सालाना 1.10 करोड़ रुपये की आय तक पहुंच गया है।
मनीष दीक्षित ने ‘वेमानिका एयरोस्पेस’ के माध्यम से एयरोस्पेस एवं ड्रोन इंजीनियरिंग, सर्विलांस, वीडियो सर्विलांस, वीडियोग्राफी तथा संचार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने दो महीने के अंदर उन्हें स्टार्टअप फंड उपलब्ध कराया। वर्ष 2022 में शुरू हुआ उनका स्टार्टअप अब 22 राज्यों तक पहुंच चुका है और इस वर्ष 52 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया गया है।
शुभम शशांक ने ‘क्लाउड स्पिटल प्राइवेट लिमिटेड’ के अभिनव स्टार्टअप के बारे में जानकारी दी। इसमें एक किट के माध्यम से 180 तरह के ब्लड टेस्ट किए जाने की सुविधा विकसित की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में 22 लाख रुपये से शुरू हुआ व्यवसाय इस वर्ष 53 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
मनीष सिंह ने ‘बृहत्ती नेचुरल फूड प्राइवेट लिमिटेड’ के माध्यम से कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इसके तहत ब्लू टी, ग्रीन टी, विभिन्न प्रकार के बीज, मखाना, खीर सहित अन्य प्राकृतिक एवं कृषि आधारित उत्पादों पर कार्य किया जा रहा है।
डॉ. अजय ने ‘कोग्नोस्मेड लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड’ के माध्यम से हेल्थकेयर एवं विभिन्न प्रकार की टेस्टिंग सेवाओं के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इसमें स्वास्थ्य संबंधी जांच के साथ वाटर टेस्टिंग, फूड टेस्टिंग और आयुष मेडिसिन टेस्टिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं।
बिहटा प्रखंड के परेव गांव की जीविका दीदी संजू देवी ने बताया कि जीविका के सहयोग से ऋण लेकर उन्होंने बर्तन बनाने का काम शुरू किया। उन्होंने बताया कि कभी 6 हजार रुपये महीने की आय पर निर्भर उनका परिवार अब 5 से 6 लाख रुपये प्रतिमाह तक कमा रहा है।
इनके अलावा कई अन्य उद्यमियों ने भी अपनी स्टार्टअप यात्रा साझा की और जिला प्रशासन की पहल की सराहना की।
जिलाधिकारी ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा
कार्यक्रम में जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि जहां किसी विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) अथवा अन्य प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता होगी, वहां जिला प्रशासन सहायता के लिए तत्पर रहेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और नई सोच की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें उचित मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग का वातावरण मिले। ‘स्टार्टअप पटना’ का उद्देश्य ऐसा मजबूत और सहयोगात्मक इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां युवा अपने अभिनव विचारों को व्यावहारिक रूप देकर सफल उद्यम में परिवर्तित कर सकें।
उद्यमियों ने पहल की सराहना की
कार्यशाला में शामिल उद्यमियों ने जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सफल उद्यमियों से सीखने, अनुभव साझा करने और नए विचारों पर काम करने का बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मिलने वाले सहयोग और मार्गदर्शन से बिहार में स्टार्टअप के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।
सफल उद्यमियों ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। प्रशासन और सरकार का सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलने से नए विचारों को सफलता में बदलने का रास्ता आसान हो सकता है। उन्होंने युवाओं से रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
पटना जिला प्रशासन का ‘यूथ कनेक्ट’ कार्यक्रम युवाओं की नवाचार क्षमता को मंच देने, सफल उद्यमियों से संवाद का अवसर उपलब्ध कराने और पटना में सशक्त एवं जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।

