– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
मेगा जॉब फेयर के समापन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चयनित युवाओं को बांटे नियुक्ति-पत्र, हर जिले में नियोजन मेला लगाने की घोषणा
पटना, 24 अगस्त। पटना के ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक आयोजित मेगा जॉब फेयर-2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। मेगा जॉब फेयर में 115 से अधिक नियोक्ताओं की भागीदारी रही और कुल 20,226 युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार उद्योग, आधारभूत संरचना और कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर काम कर रही है।
बिहार के युवाओं को स्थानीय स्तर पर मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से बिहार के प्रत्येक जिले में नियोजन मेले का आयोजन किया जाएगा। इससे रोजगार की तलाश में युवाओं को बार-बार बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जिला स्तर पर ही नियोक्ताओं से संपर्क, साक्षात्कार और चयन का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसी व्यक्ति को जीवन-यापन के लिए मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े। रोजगार के अवसरों को राजधानी से निकलकर गांव और कस्बों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

20,226 युवाओं को रोजगार के अवसर
मेगा जॉब फेयर में चयनित युवाओं में 3,940 को बिहार में ही रोजगार, 36 दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर तथा 476 युवाओं का विदेशों में रोजगार के लिए चयन हुआ।
चार दिनों में 13,394 युवाओं के रोजगार से जुड़ने के बाद अंतिम आंकड़ा बढ़कर 20,226 तक पहुंचा। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस, रिटेल सहित विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों ने युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोजगार मिलने के बाद उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उनकी सफलता परिवार के साथ-साथ दूसरे युवाओं को भी प्रेरणा देगी।
25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार कौशल विकास मिशन के माध्यम से 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 12 लाख युवाओं को प्रमाण-पत्र दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मेगा जॉब फेयर ने कौशल प्रशिक्षण को वास्तविक रोजगार से जोड़ने का मंच उपलब्ध कराया। अब लक्ष्य युवाओं को केवल प्रशिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है।
विदेशों में रोजगार के अवसर प्राप्त करने में भाषा बाधा नहीं बने, इसके लिए युवाओं को लैंग्वेज क्लासेस की सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
दिव्यांग और ट्रांसजेंडर समुदाय को भी कौशल प्रशिक्षण
मेगा जॉब फेयर के दौरान रोजगार की मुख्यधारा में उन वर्गों को जोड़ने की पहल की गई, जिन्हें अक्सर अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से बिहार मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान, भोजपुर में मानसिक रोग से स्वस्थ हुए व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया। इसके साथ दिव्यांगजनों एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों के कौशल विकास और आजीविका संवर्द्धन के लिए प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण केंद्र का भी शुभारंभ किया गया।
विश्व कौशल प्रतियोगिता के बिहार के विजेताओं का सम्मान
चीन के शंघाई में आयोजित विश्व कौशल प्रतियोगिता-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले बिहार के इंडिया स्किल विजेताओं को समारोह में सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास का लक्ष्य अब केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थापित करने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया गया है। इसका उद्देश्य दुनिया के लोगों को बिहार में लाना तथा राज्य के युवाओं के लिए व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
उन्होंने पीपीपी मोड पर 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण की दिशा में चल रहे कार्य का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इसकी अनुमानित लागत करीब 70 हजार करोड़ रुपये है, जिसमें 20 हजार करोड़ रुपये बिहार सरकार तथा 50 हजार करोड़ रुपये निजी क्षेत्र से आने का अनुमान है।
सस्ती तकनीकी शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवाओं को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में पांच रुपये में पॉलिटेक्निक और 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बिहार में कुल 278 डिग्री कॉलेज थे, जबकि राज्य सरकार ने 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन शुरू कराया। इससे विद्यार्थियों को प्रखंड स्तर पर ही डिग्री की पढ़ाई का अवसर मिलने लगा है।
राज्य में 511 मॉडल स्कूल खोले गए हैं। इनमें लाइव क्लास की शुरुआत की गई है और विद्यार्थियों को रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

एआई से करियर तलाशने की सुविधा
मुख्यमंत्री ने मेगा जॉब फेयर में विभिन्न नियोक्ताओं के स्टॉल का निरीक्षण किया और रोजगार के लिए पहुंचे युवाओं से बातचीत की। उन्होंने एआई-इनेबल्ड कियोस्क के माध्यम से युवाओं को करियर और रोजगार तलाशने में मिल रही सहायता की जानकारी ली।
इससे रोजगार मेले में पारंपरिक साक्षात्कार के साथ तकनीक आधारित करियर मार्गदर्शन को भी जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि खुशहाली के लिए कौशलयुक्त बनना और लगातार सीखने की आदत विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और कौशल ही युवाओं को आगे बढ़ने तथा सक्षम बनने की ताकत देता है।
मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप के उत्कृष्ट नियोक्ता सम्मानित
समारोह में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नियोक्ताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर मेगा जॉब फेयर-2026 पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया तथा आयोजन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने सहयोग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 96 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। प्रत्येक आवेदन का 30 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाना है।
मेगा जॉब फेयर के समापन के साथ सरकार ने रोजगार के लिए अगले चरण की दिशा भी स्पष्ट की। इसमें हर जिले में नियोजन मेला, पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य, युवाओं की व्यापक स्किलिंग, विदेश रोजगार की तैयारी और सामाजिक समावेशन पर विशेष जोर शामिल है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, विभागीय सचिव कौशल किशोर सहित अन्य वरीय अधिकारी, नियोक्तागण एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

