– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
कॉमर्स विद्यार्थियों को रोजगार और करियर के व्यापक अवसरों की जानकारी, नियमित अध्ययन व कौशल विकास पर जोर
जमूहार, रोहतास, 02 सितम्बर। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन संकाय के डीन एवं हेड प्रोफेसर डॉ. आशुतोष द्विवेदी के दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर डॉ. कुमार आलोक प्रताप ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में कॉमर्स एक रोजगारपरक विषय है। बैंकिंग, वित्त, लेखांकन, कराधान, कॉरपोरेट सेक्टर, डिजिटल फाइनेंस और उद्यमिता के अलावा सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप करियर की दिशा तय करने तथा शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने का आह्वान किया।

अनुशासन और कौशल विकास पर जोर
विशिष्ट अतिथि परीक्षा नियंत्रक सह-अकादमिक डायरेक्टर सुदीप कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और कौशल विकास पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को अपनी विषयगत जानकारी के साथ अन्य आवश्यक कौशल भी विकसित करने चाहिए।
विश्वविद्यालय के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था और डिजिटल व्यवसाय के दौर में कॉमर्स के विद्यार्थियों के लिए करियर के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की सलाह दी।
नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत
संकाय के डीन एवं हेड प्रोफेसर डॉ. आशुतोष द्विवेदी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि दीक्षारम्भ उनके जीवन की नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
कार्यक्रम का मंच संचालन बी.कॉम. की छात्राओं अदिति एवं रिया ने किया। अंत में संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मयंक कुमार राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. विशाल कुमार, डॉ. नवेंदु निधान एवं डॉ. मनीष की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी सहयोग अरुण एवं बृजेश ने प्रदान किया।
