बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांट रहे हैं मुखिया जयप्रकाश राय

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– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

रामनगर करारी कछार पंचायत में सूखा राशन और भोजन पैकेट का लगातार वितरण; मुखिया के आवास पर भी भोजन की स्थायी व्यवस्था

अथमलगोला, 10 सितंबर 2026: गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण अथमलगोला प्रखंड की कई पंचायतों के ग्रामीण गंभीर रूप से प्रभावित हैं। बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों के सामने भोजन एवं दैनिक जरूरतों की समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसे संकट के समय में रामनगर करारी कछार पंचायत के मुखिया जयप्रकाश राय अपने दर्जनों युवा समर्थकों के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री का वितरण कर रहे हैं।

राजद नेता मिथिलेश कुमार यादव उर्फ मिथ्ये भैया ने बताया कि रामनगर करारी कछार पंचायत के लोकप्रिय मुखिया जयप्रकाश राय के आवास पर भी बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की स्थायी व्यवस्था की गई है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग पहुंचकर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। भोजन तैयार करने के लिए कारीगरों की व्यवस्था की गई है, जो लगातार जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन बना रहे हैं।

गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण रामनगर करारी कछार पंचायत के अनेक घर प्रभावित हुए हैं और सैकड़ों लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। मुखिया जयप्रकाश राय ने बताया कि प्रारंभ में लोगों के बीच सूखा राशन वितरित किया गया। बाद में ग्रामीणों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए युवा समर्थकों के साथ नाव के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचकर तैयार भोजन के पैकेट भी लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक पंचायत के लोगों के बीच भोजन सहित अन्य राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत की जनता उनके लिए सर्वोपरि है और जनता ने ही उन्हें प्रतिनिधि बनाकर सेवा का अवसर दिया है।

रामनगर करारी कछार पंचायत के कई बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि संकट की इस घड़ी में मुखिया जयप्रकाश राय लगातार उनकी सहायता कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया स्वयं अपने सहयोगियों के साथ राहत कार्यों में जुटे हुए हैं और भोजन तथा अन्य आवश्यक सामग्री लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

मुखिया जयप्रकाश राय ने कहा कि रामनगर करारी कछार पंचायत के निवासी उनके निजी परिवार की तरह हैं और वे पंचायत के लोगों के हर सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहते हैं। वहीं, बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों ने मुखिया के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में वे लोगों के लिए मसीहा बनकर दिन-रात सेवा कर रहे हैं।

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