– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
डुमरी राजपुर विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मिशन शक्ति, साइबर सुरक्षा और बाल विवाह के दुष्परिणामों की दी गई जानकारी
जमुई, 11 सितंबर 2026: महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW), जमुई के तत्वावधान में शुक्रवार को सोनो प्रखंड के डुमरी राजपुर +2 जवाहर उच्च विद्यालय में “सखी वार्ता” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं को महिला एवं बालिका सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकार, आत्मनिर्भरता तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक (DMC) मुकेश कुमार, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ (FLS) विकास कुमार एवं मानसी भारती, केस वर्कर, अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर (OSC), झाझा उपस्थित रहीं।
मिशन शक्ति की योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए संचालित संबल एवं सामर्थ्य से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई। विशेष रूप से वन स्टॉप सेंटर (OSC/Sakhi), महिला हेल्पलाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP), नारी अदालत, शक्ति सदन, सखी निवास तथा महिला सशक्तिकरण एवं सहायता से संबंधित सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
इसके साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के हित में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महिला हितकारी एवं कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) सहित बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता से संबंधित योजनाओं के बारे में बताया गया।
योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता एवं प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी गई, ताकि पात्र लाभार्थी इन योजनाओं का समुचित लाभ उठा सकें।
हिंसा प्रभावित महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर से सहायता
वन स्टॉप सेंटर (OSC) के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर आवश्यक सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने का कार्य किया जाता है। महिलाओं एवं बालिकाओं को आवश्यकता पड़ने पर वन स्टॉप सेंटर की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में DHEW की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि DHEW के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ने तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का कार्य किया जाता है।
साइबर सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं लिंक, ओटीपी तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर अपराध से बचाव के उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
किसी भी साइबर अपराध अथवा आपात स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन एवं टोल-फ्री नंबरों के माध्यम से सहायता प्राप्त करने के बारे में भी बताया गया।
बाल विवाह के विरुद्ध दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध विषय पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। छात्र-छात्राओं को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं कानूनी दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सभी से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने तथा अपने आसपास बाल विवाह की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना संबंधित विभाग या प्राधिकरण को देने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को महिला एवं बालिका हितकारी योजनाओं, उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
