Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, 50 हजार एकड़ लैंड बैंक बनाने पर जोर
पटना, 03 जून 2026 : बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य में 11 मेगा पार्क और सभी 38 जिलों में फूड पार्क स्थापित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास ही बिहार को समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ाएगा और राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश, रोजगार और उद्योगों के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक के दौरान उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की योजनाओं, निवेश आकर्षित करने के प्रयासों और भावी कार्ययोजना की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए उद्योगों को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य करते हुए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने तथा भूमि मालिकों को उचित मुआवजा देकर सहमति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि बिहार को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। उद्योगों से संबंधित सभी अनुमतियां और सुविधाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएं ताकि निवेशकों का विश्वास मजबूत हो सके।
मुख्यमंत्री ने ग्राम स्तर पर उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्यम स्थापना को प्रोत्साहित किया जाए। विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा और एमएसएमई क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिन पर विशेष फोकस के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में भी ठोस पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर युवाओं के लिए नवाचार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों और उद्यमियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को प्राथमिकता दी जाए। नई औद्योगिक इकाइयों को सरकार द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन (इंसेंटिव) समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह एवं संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा, निदेशक (एमएसएमई) अमन समीर, निदेशक हथकरघा एवं रेशम उत्पादन विद्यानंद सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है तथा इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
