एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
दिसंबर में खत्म होगा विनय कुमार का कार्यकाल, महिला अधिकारी प्रीता वर्मा समेत कई नामों पर चर्चा
पटना, 14 सितम्बर। बिहार के वर्तमान पुलिस महानिदेशक विनय कुमार का दो वर्षीय कार्यकाल आगामी 13 दिसंबर को समाप्त होने वाला है। उनके कार्यकाल की समाप्ति से पहले राज्य में नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय स्तर पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों को लेकर मंथन शुरू होने की बात सामने आ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से नए डीजीपी के लिए संभावित अधिकारियों का पैनल तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की गई है। इसके बाद प्रस्ताव संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के पास भेजे जाने की संभावना है। अंतिम चयन की प्रक्रिया में यूपीएससी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उसके बाद राज्य सरकार नए पुलिस महानिदेशक के नाम पर अंतिम निर्णय लेगी।
प्रीता वर्मा की दावेदारी चर्चा में
नए डीजीपी की संभावित सूची में 1991 बैच की बिहार कैडर की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा का नाम प्रमुखता से चर्चा में बताया जा रहा है। वर्तमान में वह फायर एवं होमगार्ड सर्विस से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
वरिष्ठता के लिहाज से आगे मानी जा रही प्रीता वर्मा की दावेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उनके चयन की स्थिति में बिहार को पहली महिला पुलिस महानिदेशक मिल सकती हैं। हालांकि अंतिम निर्णय चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
भृगु श्रीनिवासन भी संभावित दावेदार
1992 बैच के आईपीएस अधिकारी भृगु श्रीनिवासन का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है। वह वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक हैं। इससे पहले बिहार पुलिस में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
बिहार के विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम कर चुके श्रीनिवासन के पास राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था का अनुभव है। हालांकि उनकी वर्तमान केंद्रीय जिम्मेदारी और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी की संभावनाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
जितेंद्र सिंह गंगवार का अनुभव मजबूत पक्ष
1993 बैच के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र सिंह गंगवार का नाम भी डीजीपी पद की दौड़ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार में एडीजी मुख्यालय, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और विशेष शाखा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके गंगवार वर्तमान में निगरानी से जुड़ी जिम्मेदारी में हैं।
पुलिस मुख्यालय और प्रशासनिक स्तर पर लंबे अनुभव के कारण उनकी दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी उनकी पहचान रही है। सीआईडी, पुलिस मुख्यालय, केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) और बी-सैप जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का अनुभव भी उनके पक्ष में माना जा रहा है।
कुंदन कृष्णन का नाम भी प्रमुखता से
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। पटना एसएसपी से लेकर आईजी और एडीजी मुख्यालय तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके कृष्णन वर्तमान में विशेष शाखा और एसटीएफ से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
कानून-व्यवस्था और खुफिया तंत्र में उनके लंबे अनुभव को उनकी दावेदारी का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। वह कई बार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी रह चुके हैं और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो में निदेशक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों की लंबी सूची
रिपोर्ट के अनुसार, कुंदन कृष्णन के बैच में डॉ. परेश सक्सेना और निर्मल कुमार आजाद भी डीजी रैंक के अधिकारी हैं। वहीं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अमित कुमार और अनुपमा एस. निलेकर चंद्रा को बिहार में एडीजी स्तर का दर्जा प्राप्त है।
डॉ. परेश सक्सेना इसी वर्ष 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जबकि निर्मल कुमार आजाद का कार्यकाल दिसंबर 2027 तक बताया गया है।
इसके अलावा 1995 और 1996 बैच के 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके एडीजी स्तर के अधिकारियों के नाम भी संभावित सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार, बिहार पुलिस अकादमी राजगीर के एडीजी सह निदेशक आर. मलार विझी, डॉ. कमल किशोर सिंह, पारस नाथ, पंकज कुमार दराद, अमित कुमार जैन, सुधांशु कुमार और नैय्यर हसनैन खान के नाम शामिल हैं।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों में सुशील एम. खोपड़े, एस. रवीन्द्रन शंकरन, जगमोहन और अनिल किशोर यादव के नाम भी सूची में बताए जा रहे हैं।
यूपीएससी तैयार करेगा तीन नामों का पैनल
बताया जा रहा है कि गृह विभाग ने 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी है। इस सूची में डीजी स्तर के नौ अधिकारी और 1995-96 बैच के 14 एडीजी स्तर के अधिकारियों के नाम शामिल होने की बात कही जा रही है।
अब इन नामों पर यूपीएससी द्वारा विचार किया जाएगा। प्रक्रिया के तहत संभावित अधिकारियों में से तीन नामों का पैनल तैयार कर बिहार सरकार को भेजे जाने की संभावना है। इसके बाद मुख्यमंत्री इन तीन नामों में से किसी एक अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे।
फिलहाल नए डीजीपी के नाम को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में वरिष्ठता, प्रशासनिक अनुभव, पुलिसिंग का अनुभव, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और सरकार के विश्वास जैसे विभिन्न पहलुओं के आधार पर संभावित दावेदारों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
