एस.एन.चतुर्वेदी की रिपोर्ट
कानपुर, 14 सितम्बर : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी अध्यक्षता में कानपुर में सम्पन्न दो दिवसीय “AI मंथन 2.0” ने उच्च शिक्षा के भविष्य को लेकर नई संभावनाओं के द्वार खोले। इस महत्वपूर्ण मंथन में वाराणसी के सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा सहित प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव एवं वरिष्ठ अधिकारियों नेअपनी सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से शिक्षा,अनुसंधान, प्रशासन, नवाचार एवं ज्ञान-सृजन को नई गति देने तथा बदलते तकनीकी परिवेश में विश्वविद्यालयों को भविष्य के लिए तैयार करने पर सार्थक विचार – विमर्श हुआ। प्रो.बिहारी लाल शर्मा की सहभागिता ने भारतीय ज्ञान-परम्परा एवं आधुनिक तकनीकी ज्ञान के समन्वय की उस व्यापक दृष्टि कोऔर सशक्त किया, जिसमें संस्कृत,संस्कृति और आधुनिक विज्ञान साथ – साथ भारत के ज्ञान-वैभव को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। भारतीय ज्ञान-परम्परा सह कृत्रिम बुद्धिमत्ता सह नवाचार के साथ विकसित भारत की ज्ञानशक्ति है।

कुलाधिपति के दूरदर्शी मार्गदर्शन में उच्च शिक्षा का यह AI मंथन निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों को तकनीकी रूप से सशक्त एवं भविष्यदर्शी बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है। उक्तअवसर पर कुलसचिव राकेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार,प्रो.रमेश प्रसाद,डॉ. मधुसूदन मिश्र कई विद्वान और प्रबुध्दजन उपस्थित थे।
