सारण में बाल संरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, डीएम वैभव श्रीवास्तव ने दिए कड़े निर्देश

Live ख़बर

-एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

पर्यवेक्षण गृह में पुलिसकर्मी बिना वर्दी और हथियार के रहेंगे, कौशल विकास व स्वास्थ्य पर विशेष जोर

छपरा (सारण), 21 सितंबर: समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले में संचालित बाल देखरेख एवं संरक्षण संस्थानों, पर्यवेक्षण गृह, बाल कल्याण समिति (CWC), चाइल्ड हेल्पलाइन, परवरिश एवं स्पॉन्सरशिप योजना सहित बाल संरक्षण से जुड़े सभी महत्वपूर्ण आयामों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चों से जुड़े मामलों में कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी अथवा हथियार के साथ बच्चों के समक्ष उपस्थित नहीं होगा। उन्होंने पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों के मानसिक, शैक्षणिक और शारीरिक विकास के लिए विशेष निर्देश दिए। इसके तहत बच्चों की रुचि के अनुसार बेसिक डिजिटल व फाइनेंशियल लिटरेसी तथा शॉर्ट टर्म कंप्यूटर कोर्स शुरू कराने, शिक्षा विभाग के समन्वय से लर्निंग लेवल के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार करने और मनोरंजन के लिए इनडोर बोर्ड गेम्स (मोनोपोली, चाइनीज चेकर्स आदि) उपलब्ध कराने को कहा गया। सदर अस्पताल के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बाल कल्याण समिति द्वारा 24 बच्चियों और 15 बच्चों से संबंधित मामलों की केस-वार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ‘लीगली फ्री फॉर एडॉप्शन’ की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया ताकि नवजात व लावारिस बच्चों के जैविक माता-पिता की खोज अथवा वैधानिक दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया समयबद्ध पूरी हो सके। वहीं, परवरिश योजना के तहत प्राप्त लगभग 280 आवेदनों के बैंक खाते शीघ्र खुलवाने और अस्पताल परिसर में कैंप लगाकर अभिभावकों की काउंसलिंग कराने का आदेश दिया गया। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 122 लाभुकों के चयन में पारदर्शिता बरतने के लिए एकल अभिभावक, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक पृष्ठभूमि की गहन जांच हेतु सोशल वर्करों का पैनल गठित करने का निर्देश दिया गया।

Verified by MonsterInsights