-संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
द्वितीय चरण के दूसरे दिन भी जोरदार प्रदर्शन, पीआरपी और लंबित मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान
बोकारो, 24 सितंबर 2026। बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) में कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को लेकर बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) का चरणबद्ध आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपने आंदोलन के द्वितीय चरण के दूसरे दिन शुक्रवार को यूनियन ने एसएमएस-2 सीसीएस मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में संयंत्र के नियमित कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम का संचालन विभागीय प्रतिनिधि अनिरुद्ध शर्मा ने किया।
उल्लेखनीय है कि सेल कॉर्पोरेट स्तर पर कर्मचारियों के 45 से अधिक मुद्दे और स्थानीय स्तर पर बोकारो इस्पात संयंत्र में 60 से अधिक मांगें लंबे समय से अनिर्णित हैं। वेज रिवीजन 2017, एरियर, बोनस फॉर्मूला, एनजेसीएस पुनर्गठन और ग्रेच्युटी सीलिंग जैसे गंभीर विषयों पर बीएकेएस सहित कई यूनियनों ने न्यायालयों में वाद भी दायर किए हुए हैं।
सभा को संबोधित करते हुए विभागीय प्रतिनिधि त्रिवेणी सिंह ने कर्मचारियों से आगामी आमरण अनशन और मौन जुलूस के लिए समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि इस्पात मंत्रालय और सरकार की चुप्पी के कारण प्रबंधन मनमानी कर रहा है और अब आर-पार के सड़क संघर्ष के अलावा कर्मियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। प्रदर्शन को यूनियन अध्यक्ष दिलीप कुमार, महासचिव हरिओम, उपमहासचिव माणिक मुंडा, कोषाध्यक्ष राहुल साव सहित कार्यकारिणी के सदस्यों ने भी संबोधित किया।
विभागीय प्रतिनिधि द्वय अनिरुद्ध शर्मा और त्रिवेणी सिंह ने संयुक्त बयान जारी करते हुए प्रबंधन को चेतावनी दी कि वर्तमान अवैध बोनस फॉर्मूले को रद्द कर उत्पादन आधारित फॉर्मूला (PRP) लागू किया जाए। यदि प्रबंधन ने मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया, तो संयंत्र के सभी प्रमुख विभागों में प्रदर्शन के बाद तीसरे चरण में काले झंडे के साथ विशाल मौन जुलूस निकाला जाएगा तथा अंतिम चरण में यूनियन आमरण अनशन पर बैठेगी।
