–संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
अंतर्राष्ट्रीय कर्ण कुंभ सम्मेलन को लेकर बनी रणनीति, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कवि सम्मेलन ने बांधा समां
बोकारो, 27 सितम्बर 2026 : सेक्टर-5 स्थित बोकारो क्लब में कर्ण कायस्थ महासभा की स्थानीय इकाई द्वारा एक भव्य पारिवारिक स्नेह मिलन समारोह का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य आगामी 19 और 20 दिसंबर को जमशेदपुर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ‘अंतर्राष्ट्रीय कर्ण कुंभ सम्मेलन’ में बोकारो जिले से अधिक से अधिक संख्या में समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के दौरान महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बोकारो के कर्ण कायस्थ परिवारों को इस अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अधिशासी निदेशक अनूप कुमार दत्त, कर्ण कायस्थ महासभा (झारखंड) के अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार, कर्ण समागम (बोकारो) के अध्यक्ष अनिल कुमार कर्ण, झारखंड महासचिव निर्मला कर्ण, सचिव अमरनाथ लाल दास तथा कर्ण गोष्ठी (बोकारो) की महिला अध्यक्ष पुष्पा रानी कर्ण मंच पर उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने समाज के समग्र उत्थान और आपसी संबंधों को सुदृढ़ करने पर बल देते हुए जमशेदपुर में आयोजित होने वाले कुंभ को ऐतिहासिक बनाने के लिए तन, मन और धन से सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक सत्र में स्थानीय बच्चों ने मनमोहक शास्त्रीय व पारंपरिक नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिनकी उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहना की। इसके उपरांत द्वितीय सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन में कवि विजय शंकर मल्लिक, जितेंद्र प्रसाद कर्ण, राजीव कंठ और निर्मला कर्ण ने अपनी ओजस्वी व भावपूर्ण काव्य रचनाओं का पाठ कर समां बांध दिया। कार्यक्रम के अंत में कर्ण कायस्थ महासभा (बोकारो) के उपाध्यक्ष अरबिंद कुमार ने सभी अतिथियों और आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर जमशेदपुर चित्रगुप्त समिति व कर्ण कायस्थ महासभा के प्रतिनिधि अशोक चौधरी और आशीष दास, धनबाद महासभा के महासचिव शिशिर कुमार, संयुक्त सचिव जितेंद्र प्रसाद कर्ण, कर्ण समागम (बोकारो) के महासचिव मिहिर चंद कंठ, कोषाध्यक्ष परिणव कुमार, उपाध्यक्ष राजेंद्र मल्लिक, सिद्धेश नारायण दास, संरक्षक विजय शंकर मल्लिक, चंद्रपति मल्लिक, उप महासचिव अमरनाथ लाल दास, धनबाद से विपिन कुमार और शैलेंद्र कुमार लाल सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
