-लाइव ख़बर नेशन || संतोष श्रीवास्तव
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के बकाये भुगतान के एवज में मांग रहे थे रिश्वत, निगरानी टीम ने रंगे हाथों दबोचा
पटना, 09 अक्टूबर 2026 : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद और डेटा ऑपरेटर हिमांशु कुमार को 8,600 रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 119/26 के तहत की गई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता जयपाल सिंह, जो पटेढ़ी बेलसर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) के पद पर तैनात हैं, ने निगरानी ब्यूरो, पटना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी के अनुसार, आरोपियों द्वारा मार्च 2024 का इंसेंटिव, अप्रैल से अगस्त 2025 तक की 16,200 रुपये की बकाया राशि, सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक का कुल 96,000 रुपये का इंसेंटिव और इसी अवधि का मोबाइल रिचार्ज व ट्रांसपोर्टेशन का 9,600 रुपये यानी कुल 1,29,800 रुपये के बकाये भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
निगरानी ब्यूरो का सत्यापन और धावादल की कार्रवाई
ब्यूरो द्वारा शिकायत का सत्यापन कराए जाने पर आरोपियों द्वारा घूस मांगे जाने के पुख्ता प्रमाण मिले। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस निरीक्षक सह अनुसंधानकर्ता आदित्य अंशु के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक वासुदेव राय के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया।
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पटेढ़ी बेलसर के कार्यालय कक्ष से डॉ. कामिनी प्रसाद और डेटा ऑपरेटर हिमांशु कुमार को 8,600 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिसके पश्चात उन्हें मुजफ्फरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में उपस्थापित किया जाएगा।
साल 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्यूरो का बड़ा आंकड़ा
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का यह 119वां मामला है, जबकि एक कांड जिला से स्थानांतरित होकर कुल 120 मामलों का अनुसंधान चल रहा है।
- ट्रैप कांडों की स्थिति: यह इस वर्ष का 109वां ट्रैप कांड है, जिसके तहत अब तक कुल 110 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
- बरामदगी: इन छापों में अब तक कुल 38,17,400 रुपये नकद और एक वाशिंग मशीन (कीमत 37,000 रुपये) बरामद की गई है।
- तुलनात्मक रूप से पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।
