-लाइव ख़बर नेशन || संतोष श्रीवास्तव
पटना समेत पूरे राज्य में सड़े-गले खाद्य पदार्थ नष्ट, दो लाइसेंस निलंबित और 15 पर मुकदमा दर्ज
पटना, 25 अक्टूबर: बिहार में आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष सघन जांच अभियान के तहत पूरे राज्य में अब तक 531 खाद्य प्रतिष्ठानों की पड़ताल की गई है। इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा 87 प्रतिष्ठान राजधानी पटना में जांचे गए। मानकों की अनदेखी और गंभीर अनियमितता मिलने पर दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि 15 कारोबारियों के खिलाफ कोर्ट में अभियोजन दायर किया गया है। दोषी पाए जाने पर 3 महीने तक की कैद और ₹3 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।
राजधानी पटना के नामी होटलों—मौर्या, पनाश, गार्गी ग्रैंड और पाटलिपुत्र एग्जॉटिका की रसोइयों में साफ-सफाई की भारी कमी, खराब भंडारण और शाकाहारी-मांसाहारी सामग्री एक साथ रखने जैसी लापरवाहियां पकड़ी गईं। वहीं केएफसी, बारबेक्यू नेशन और पिज्जा हट जैसी बड़ी चेन भी जांच के दायरे में आईं, जहां ब्रेड में कीड़े, जला हुआ तेल और बासी पनीर बरामद कर नष्ट कराया गया। ब्लिंकिट और 9 टू 9 जैसे किराना स्टोरों से एक्सपायरी दूध, घी, आटा व मसाले सीज किए गए। इसके अलावा बिना लाइसेंस चल रही पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर इकाइयों से हजारों लीटर पानी और विजय नगर स्थित संतोष स्वीट्स से लाखों रुपये का खराब मिल्क केक जब्त किया गया।
पटना के अतिरिक्त वैशाली, मुजफ्फरपुर, सहरसा, समस्तीपुर, रोहतास और गोपालगंज सहित अन्य जिलों में भी भारी मात्रा में मिलावटी पनीर, बासी मिठाइयां और एक्सपायरी पेय पदार्थ नष्ट कराए गए। वैशाली में 22 हजार लीटर से अधिक अवैध पैकेज्ड पानी पकड़ा गया और हाजीपुर में एक होटल की रसोई में गंदगी मिलने पर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने दो टूक चेतावनी दी है कि मिलावटखोरी और अस्वच्छता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अफसरों को जांच रिपोर्ट तत्काल ‘FoSCoS’ पोर्टल पर दर्ज करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
