-संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
12 जिलों में 26 प्रतिष्ठानों की जांच, खराब मिठाइयां और पनीर नष्ट, गया में सुधार नोटिस
पटना, 21 सितंबर 2026। राज्य में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे जांच अभियान में तेजी आई है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीमों ने अरवल, गोपालगंज, रोहतास, बेगूसराय, गया, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सहरसा, सारण, सीवान और वैशाली सहित 12 जिलों में कुल 26 औचक निरीक्षण किए। अभियान के तहत 21 सितंबर 2026 तक कुल 652 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित किए जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान मानकों के विपरीत मिली दूषित और अनुपयुक्त खाद्य सामग्रियों, जिनमें दूध, पनीर और मिठाइयां शामिल हैं, को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
गया के स्वराजपुरी रोड स्थित पिंड बलूची फ्रेंचाइजी ओवन (आई. राय काशी नाथ मोड़) की जांच के दौरान पेयजल की रासायनिक जांच, नियमित खाद्य परीक्षण, किचन हाइजीन और फूड हैंडलर्स की मेडिकल जांच संबंधी रिकॉर्ड में गंभीर कमियां पाई गईं। इसके बाद प्रतिष्ठान को एफएसएसएआई अधिनियम की धारा 32 के तहत 14 दिनों का सुधार नोटिस थमाया गया है। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निलंबन की चेतावनी दी गई है।
भागलपुर के मनाली चौक स्थित कावेरी स्वीट्स से पेड़ा और पनीर के नमूने लिए गए। दुकान पर लाइसेंस/पंजीकरण प्रदर्शित नहीं मिलने पर उसे डिस्प्ले बोर्ड पर लगाने की हिदायत दी गई। वहीं मनाली फूड्स (आर.बी.एस.आर. रोड) से धनिया और जीरा के नमूने लिए गए तथा सैनिटेशन बनाए रखने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों (एफबीओ) को चेतावनी दी है कि मानकों की अनदेखी पर जब्ती, सामग्री नष्ट करने और कानूनी कार्रवाई का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
