– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
अंगरक्षक के घर पहुंचे उपायुक्त दंपति, ‘बधाई हो बेटी हुई है’ अभियान के तहत परिवार की खुशियों में हुए शामिल
बोकारो, 19 अगस्त 2026। बेटियों के प्रति सम्मान, समानता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बोकारो जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे ‘बधाई हो बेटी हुई है…’ अभियान के तहत बुधवार को एक भावुक और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा अपनी धर्मपत्नी डॉ. प्रतिमा झा के साथ अपने अंगरक्षक नितेश कुमार के पुलिस लाइन स्थित आवास पहुंचे। नितेश कुमार के घर नवजात बेटी के जन्म पर उपायुक्त दंपति ने परिवार को बधाई दी और उनकी खुशी में शामिल हुए।
उपायुक्त और उनकी धर्मपत्नी ने नवजात बच्ची को गोद में लेकर दुलार किया और उसके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया। इस दौरान परिवार के सदस्यों का मुंह मीठा कराया गया और बेटी के जन्म की खुशी साझा की गई।
बेटी परिवार और समाज की बड़ी पूंजी : उपायुक्त
मौके पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि बेटियां किसी भी परिवार और समाज की महत्वपूर्ण पूंजी हैं। वे केवल परिवार की खुशियों का आधार नहीं, बल्कि समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि बेटी का जन्म उत्सव का अवसर है और इसे पूरे समाज को खुशी एवं गर्व के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक सोच अपनाने की अपील की।
बेटियां स्नेह और संस्कार की प्रतीक : डॉ. प्रतिमा
डॉ. प्रतिमा झा ने कहा कि बेटियां स्नेह, संवेदना और संस्कारों की प्रतीक होती हैं। परिवार और समाज को बेटी के जन्म का खुले दिल से स्वागत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने से समाज में मौजूद पुरानी कुरीतियों और नकारात्मक सोच को बदलने में मदद मिलेगी। इससे बेटियों के प्रति सम्मान और समानता की भावना को भी मजबूती मिलेगी।
लोगों से बेटी के जन्म पर बधाई देने की अपील
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि जब भी आसपास किसी परिवार में बेटी का जन्म हो, तो परिवार के घर जाकर उन्हें बधाई दें, मुंह मीठा कराएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार देकर खुशी में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा कि बेटियों को सम्मान और प्रोत्साहन देकर ही संवेदनशील, समतामूलक और प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है।
जिला प्रशासन का ‘बधाई हो बेटी हुई है…’ अभियान बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

