– संतोष श्रीवास्तव : मुख्य संपादक सह प्रकाशक
वरीय अधिकारियों का तबादला दंड नहीं, लापरवाही पर कार्रवाई की जानकारी देने के लिए 10 दिन का समय
रांची/बोकारो, 18 अगस्त। बोकारो की 18 वर्षीय लापता युवती के मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी देने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वरीय पुलिस अधिकारियों का तबादला नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसे लापरवाही के लिए दंड नहीं माना जा सकता।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले के बाद आईजी, डीआईजी और बोकारो एसपी का तबादला किया गया है। इस पर अदालत ने सवाल उठाते हुए कहा कि तबादला विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा है, इसे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं माना जा सकता।
अदालत ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि मामले में लापरवाही बरतने वाले वरीय पुलिस अधिकारियों के खिलाफ वास्तविक तौर पर क्या कार्रवाई की गई है।
28 पुलिसकर्मी निलंबित, चार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई
मामले की पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि संबंधित थाना के 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें से चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चल रही है।
हालांकि, अदालत ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अब तक मुख्य रूप से निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। मामले के लिए जिम्मेदार वरीय अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई? कोर्ट ने इसी बिंदु पर राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है।
31 जुलाई 2025 से लापता है युवती
मामला बोकारो की 18 वर्षीय युवती से जुड़ा है, जो 31 जुलाई 2025 से लापता है। युवती के लापता होने के संबंध में बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना में मामला दर्ज कराया गया था।
युवती की मां की ओर से मामले में हाई कोर्ट में हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर की गई है। याचिका के माध्यम से लापता युवती को बरामद कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने की मांग की गई है।
अब नजर सरकार की रिपोर्ट पर
हाई कोर्ट के ताजा निर्देश के बाद राज्य सरकार को 10 दिनों के भीतर यह बताना होगा कि मामले में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। अदालत की टिप्पणी से साफ है कि केवल तबादले या निचले स्तर के कर्मचारियों के निलंबन से वह संतुष्ट नहीं है।
अब अगली सुनवाई में सरकार की ओर से पेश की जाने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि लापता युवती की जांच में कथित लापरवाही की जिम्मेदारी किस स्तर तक तय की गई है।

