थाना दिवस में 47 मामले सुने, 31 का निष्पादन

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– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

जमीन, राजस्व और घरेलू विवादों पर पुलिस व प्रशासन ने की संयुक्त सुनवाई, 16 मामले लंबित

बोकारो, 20 अगस्त। आमजनों की शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी थाना एवं ओपी क्षेत्रों में गुरुवार को थाना दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आम लोगों की शिकायतें सुनीं तथा विशेष रूप से जमीन विवाद, राजस्व मामलों और अन्य समस्याओं का संयुक्त रूप से समाधान करने का प्रयास किया।

थाना दिवस के आयोजन के लिए जिले के सभी थाना प्रभारी एवं ओपी प्रभारियों को निर्देश दिया गया था। कार्यक्रम में संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर संबंधित पक्षों से आवश्यक दस्तावेज और जानकारी प्राप्त की।

47 मामलों की हुई सुनवाई

थाना दिवस के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों के कुल 47 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से 31 मामलों का निष्पादन कर दिया गया, जबकि 16 मामले लंबित हैं। लंबित मामलों में संबंधित पक्षों से दस्तावेज प्राप्त करने तथा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जमीन विवाद के मामले सबसे अधिक

थाना दिवस में मुख्य रूप से जमीन के बंटवारे, जमीन के कागजात प्रस्तुत नहीं करने, दूसरे पक्ष द्वारा अगली तिथि पर सुनवाई का समय मांगने, प्रथम पक्ष के अनुपस्थित रहने और दूसरे व्यक्ति की जमीन पर दावा करने से जुड़े मामले सामने आए। इसके अलावा कुछ घरेलू विवाद से संबंधित शिकायतें भी अधिकारियों के समक्ष रखी गईं।

अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के साथ उपलब्ध दस्तावेजों का भी अवलोकन किया। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव था, उनका मौके पर ही निष्पादन किया गया।

आमजनों में बढ़ा भरोसा

थाना दिवस के आयोजन से आम लोगों में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर विश्वास की भावना मजबूत हुई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से शिकायतों की सुनवाई किए जाने से फरियादियों को एक ही स्थान पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिला।

प्रशासन का मानना है कि प्रत्येक सप्ताह थाना दिवस आयोजित होने से स्थानीय स्तर पर विवादों के समाधान में तेजी आएगी तथा आम लोगों को अपनी शिकायतों के लिए अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।