-संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम के जरिए बोकारो की महिला उद्यमियों को मिलेगा संबल
बोकारो, 25 सितंबर: सेक्टर-1 स्थित स्टर्लिंग सिटी सेंटर सभागार में जिला प्रशासन और जेएसएलपीएस के संयुक्त तत्वावधान में झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय लॉन्च सह कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और उद्यमियों को प्रोत्साहित कर उनके कारोबार का विस्तार करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करना है।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि महिलाएं अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और राज्य के आर्थिक विकास के लिए उनका स्वावलंबी होना अनिवार्य है। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे केवल पारंपरिक छोटे उद्यमों तक सीमित न रहकर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने उद्यमों को पेशेवर तरीके से संचालित करने और लाभ कमाने की रणनीतिक सोच अपनाने पर बल दिया। उपायुक्त ने जिले से 200 गुणवत्तापूर्ण आवेदन तैयार करने का लक्ष्य तय करते हुए कहा कि राज्य स्तर पर चयनित न होने वाले उद्यमियों को भी बैंक और नाबार्ड के माध्यम से वित्तीय सहयोग दिलाया जाएगा।
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिला स्वामित्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देना और ग्रामीण युवाओं के पलायन को रोकना है। चयनित उद्यमियों को वित्तीय अनुदान, ब्याज-मुक्त लोन, मेंटरशिप और बाजार संपर्क उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी ने ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना की। आईआईएम कलकत्ता के विशेषज्ञों ने महिलाओं को बिजनेस प्लान, वित्तीय प्रबंधन और बाजार अनुसंधान के गुर सिखाए। इस मौके पर प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह और डीपीएम अनिल डुंगडुंग सहित बड़ी संख्या में समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।
