बोकारो में बीएसएल कर्मियों का फूटा गुस्सा, महाप्रबंधक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

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– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

100 से अधिक लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज, सेल प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा

बोकारो, 25 सितंबर: बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने अपने चार चरण के आंदोलन के दूसरे चरण के तीसरे दिन एचआरसीएफ के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में हॉट स्ट्रिप मिल और एचआरसीएफ विभाग के अधिकांश नियमित कर्मचारियों ने एकजुट होकर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन विभागीय प्रतिनिधि संजीत सिंह ने किया।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सेल और बीएसएल प्रबंधन द्वारा लगातार कर्मियों का शोषण किया जा रहा है और उनके मुद्दों को लटकाया जा रहा है। उच्च वेतन वाले अधिकारी वर्ग की सामान्य मांगें तो तुरंत मान ली जाती हैं, लेकिन कर्मचारियों की 100 से अधिक स्थानीय व सेल स्तर की मांगें वर्षों से लंबित पड़ी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2008 के बाद से फेस्टिवल एडवांस में कोई संशोधन नहीं हुआ, 2012 से आवास व वाहन ऋण बंद है, लॉन्ग सर्विस अवार्ड के नाम पर मात्र सेलम स्टील का बर्तन दिया जा रहा है और बच्चों की छात्रवृत्ति केवल 150-200 रुपये प्रतिमाह पर अटकी है।

सभा को संबोधित करते हुए संघ के उपाध्यक्ष कृष्ण रजवार ने कहा कि सेल का सालाना टर्नओवर लगातार पांच वर्षों से एक लाख करोड़ से अधिक है और 19 मिलियन टन से ज्यादा क्रूड स्टील उत्पादन हो रहा है, इसके बावजूद जटिल फॉर्मूले के आधार पर कर्मियों को केवल 28 से 30 हजार रुपये का बोनस थमाना शोषण की पराकाष्ठा है। वहीं विभागीय प्रतिनिधि शत्रुंजय सिंह ने कहा कि अब कर्मियों के साथ किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा को संघ अध्यक्ष दिलीप कुमार, महासचिव हरिओम, उपमहासचिव माणिक मुंडा और कोषाध्यक्ष राहुल साव ने भी संबोधित किया।

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