सीएम सम्राट चौधरी ने की ‘बिहार गति’ परियोजनाओं की समीक्षा, 100 करोड़ से अधिक की योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

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-एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

गया IMC का अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होगा शुभारंभ, दशहरा से पूर्व आंगनबाड़ी कर्मियों को मिलेगा लंबित मानदेय

पटना, 23 सितंबर: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित “संकल्प सभागार” में ‘बिहार गति’ के अंतर्गत संचालित 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की वृहद बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तथा अन्य केंद्र प्रायोजित व राज्य योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक के दौरान पथ निर्माण, जल संसाधन, उद्योग एवं समाज कल्याण विभाग से जुड़ी प्रमुख विकास योजनाओं की बिंदुवार प्रगति का जायजा लिया गया।

समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी कार्यदायी एजेंसियों एवं विभागीय अधिकारियों को परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में तीव्र गति से पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गया में निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) का शुभारंभ अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इस महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना से राज्य में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निजी व सार्वजनिक निवेश आकर्षित होने की प्रबल संभावना है, जिससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

त्योहारों के मद्देनजर संवेदनशील रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं एवं संबंधित कर्मियों के सभी लंबित मानदेय का भुगतान दशहरा से पहले अनिवार्य रूप से कर दिया जाए। इसके अतिरिक्त, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति से जुड़ी औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी पेयजल आपूर्ति योजनाओं के अवशेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने का आदेश दिया।

जल संसाधन परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने मधुबनी के जयनगर में कमला नदी पर चल रहे बैराज निर्माण कार्य में तेजी लाने की हिदायत दी। साथ ही, हरित व नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दक्षिण बिहार की प्रमुख नहरों एवं नदियों के तटबंधों के सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना) के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

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