– Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher
‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किया वीर सपूतों को याद, 2047 तक विकसित भारत और समृद्ध बिहार का संकल्प दोहराया
पटना, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर बिहार लोक भवन तथा कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बिहार लोक भवन में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिरकत कर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

शहीदों के बलिदान को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। राज्यपाल की पहल पर ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें कर्नल वी.पी. सिंह और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवानों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। देश की आजादी असंख्य राष्ट्रभक्तों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। शहीदों के बलिदान के कारण ही आज हमारा राष्ट्र स्वतंत्र और सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने वीर सपूतों के योगदान को याद करने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
भारत ने 80 वर्षों में हासिल की उल्लेखनीय प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पिछले 80 वर्षों में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत में शांति है, जबकि दुनिया के कई हिस्से युद्ध और अशांति से प्रभावित हैं। भारत पूरी दुनिया को मानवता और शांति का संदेश दे रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया है। वहीं बिहार को समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। इन दोनों संकल्पों को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
देशभक्ति गीतों से गूंजा लोक भवन
कार्यक्रम के दौरान कर्नल वी.पी. सिंह एवं उनकी टीम ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को देशभक्ति गीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया।
‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद किया गया तथा नई पीढ़ी को उनके योगदान से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।

