– चंदू प्रिंस की रिपोर्ट
महिला कॉलेज, खगौल में छात्राओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा और मनोविज्ञान पर रखे विचार, विजेताओं को किया गया सम्मानित
खगौल, 29 जुलाई। भारतीय मनोविज्ञान दिवस के अवसर पर महिला कॉलेज, खगौल में भाषण, पेंटिंग एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय मनोविज्ञान, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करना था। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. उषा विद्यार्थी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रीना कुमारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में संवेदनशीलता और करुणा का होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही गुण समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
उद्घाटन भाषण में डॉ. शालिनी ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महाभारत में भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को सकारात्मक सोच और कर्तव्यबोध की ओर प्रेरित करना भारतीय मनोविज्ञान का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं से भारतीय चिंतन और सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
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भाषण प्रतियोगिता में फरहीन तब्बसुम, अंजली कुमारी, सुरभि कुमारी, श्रुति कुजूर, दिव्या कुमारी, श्वेता कुमारी, रिया कुमारी तथा अनामिका कुमारी सहित कई छात्राओं ने भारतीय मनोविज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित शिक्षकों एवं छात्राओं ने सराहा।
भाषण प्रतियोगिता में फरहीन तब्बसुम ने प्रथम, अंजली कुमारी ने द्वितीय, सुरभि कुमारी ने तृतीय तथा अनामिका कुमारी ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। वहीं पेंटिंग एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता में अनामिका कुमारी प्रथम, श्रुति कुजूर द्वितीय तथा सुरभि कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चंदा सिंह ने किया। समापन राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. आभा आर्या, रुचिका मेहता, डॉ. रीना कुमारी सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

