– एस.एन. चतुर्वेदी की रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार से की नियुक्ति की सिफारिश, दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश का पटना हाईकोर्ट में होगा स्थानांतरण
पटना, 11 अगस्त : पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव की नियुक्ति की राह साफ हो गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अगस्त 2026 को हुई बैठक में उनकी नियुक्ति की सिफारिश केंद्र सरकार से की है। हालांकि, अंतिम नियुक्ति केंद्र सरकार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद औपचारिक रूप से अधिसूचित की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपनी बैठक में विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इसी क्रम में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद के लिए न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव के नाम की अनुशंसा की गई है।
तीन दशक से अधिक का न्यायिक अनुभव
न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव का न्यायिक एवं विधिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। उनका जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ। उन्होंने वर्ष 1990 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद मार्च 1991 में उन्होंने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।
विधिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के बाद जनवरी 2010 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा मिला। इसके बाद 17 अप्रैल 2013 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 18 मार्च 2015 को वे दिल्ली हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने।
न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव के पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने की सिफारिश ऐसे समय हुई है, जब न्यायपालिका के समक्ष लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, न्याय तक आम लोगों की आसान पहुंच और न्यायिक प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं।
पटना हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव की संभावित नियुक्ति को बिहार की न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके लंबे न्यायिक अनुभव का लाभ पटना हाईकोर्ट के प्रशासनिक एवं न्यायिक कामकाज को मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जानी है। नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही वे पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
न्यायपालिका में भरोसा मजबूत करने की चुनौती
बिहार जैसे बड़े राज्य में न्यायिक व्यवस्था की प्रभावशीलता का सीधा संबंध आम नागरिक के न्याय के अधिकार से है। लंबित मुकदमों का त्वरित निपटारा, न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाना और तकनीक के माध्यम से न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना आने वाले समय में महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं होंगी।
न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव का अनुभव इन चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अब निगाहें केंद्र सरकार की औपचारिक प्रक्रिया और नियुक्ति की अधिसूचना पर टिकी हैं।

