– राजेश मोहन सहाय की रिपोर्ट
बादला और सुटीलोंग घाट पर रास्ता काट कर किया गया बंद, पुल बचाने को 500 मीटर के दायरे में रोक
राहे (रांची), 24 सितंबर 2026। कांची नदी के बादला और सुटीलोंग घाट पर लंबे समय से चल रहे अवैध बालू खनन के खिलाफ ग्रामीणों की एकजुटता और संघर्ष ने आखिरकार रंग दिखाया है। जनआक्रोश और लगातार उठाई जा रही मांगों के बाद स्थानीय प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए नदी व पुल को बचाने के लिए ठोस व सख्त कदम उठाए हैं।
प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए कांची नदी पुल के आसपास लगभग 500 मीटर के दायरे में बालू के अवैध उठाव वाले सभी रास्तों को जेसीबी से गहरा गड्ढा खोदकर पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। इसके साथ ही नदी क्षेत्र में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन द्वारा प्रतिदिन दो बार नियमित गश्ती और सघन निरीक्षण किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिबंध के बावजूद अवैध उठाव का प्रयास करने वालों पर सख्त विधिक कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।
इस प्रशासनिक पहल का स्वागत करते हुए ‘पांच परगना फाइटर्स’ के केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने इसे आम जनता और ग्रामीणों की जागरूकता की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि नदी बचेगी तो पुल और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहेंगे। महतो ने स्पष्ट किया कि ‘कांची नदी बचाओ अभियान’ आगे भी जारी रहेगा और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस सार्थक कदम के लिए ग्रामीणों की एकजुटता और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
