प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के साझा प्रयास से संवरेगी नालंदा की तस्वीर: डीएम

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एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

सिलाव में आयोजित जनसंवाद में उठीं स्थानीय समस्याएं, अधिकारियों को तय समय-सीमा में समाधान के निर्देश

बिहारशरीफ (नालंदा), 18 सितंबर 2026: नालंदा के सिलाव प्रखंड सभागार में जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता तथा अनुमंडल पदाधिकारी (राजगीर) सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। राजगीर एसडीएम ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य को रेखांकित किया।

जनप्रतिनिधियों ने उठाईं क्षेत्र की प्रमुख समस्याएं

संवाद के दौरान जनप्रतिनिधि अरुण कुमार, विभा देवी, रिंकी देवी, मोहम्मद रशद खान, प्रमोद कुमार सिंह, सरपंच अखिलेश शर्मा, नीरा देवी, रंजू देवी, रूपेश कुमार और प्रमुख वीरेंद्र कुमार सहित कई प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं। इनमें महादलित टोलों में पक्की सड़क, जर्जर मार्गों की मरम्मत, नल-जल योजना, कृषि बीज का उठाव, आंगनबाड़ी केंद्रों के पास जलजमाव, नाला निर्माण, जर्जर सामुदायिक भवनों के जीर्णोद्धार, लो-वोल्टेज दूर करने हेतु उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मर तथा नालंदा चौराहे पर अतिक्रमण से लगने वाले जाम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही नालंदा खंडहर परिसर के पास शौचालय निर्माण और म्यूटेशन व परिमार्जन में स्थलीय सत्यापन कराने की मांग की गई।

विरासत की गरिमा बनाए रखना साझा दायित्व: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा कि नालंदा एक अंतरराष्ट्रीय धरोहर है, जहां देश-विदेश से पर्यटक आते हैं; अतः क्षेत्र की स्वच्छता, गरिमा और इसे अतिक्रमण मुक्त बनाए रखना प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का साझा दायित्व है। उन्होंने रविवार को श्रमदान अभियान में सहयोग की अपील की। राजस्व मामलों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पूर्वजों (मृत रैयतों) के नाम दर्ज भूमि को उनके जीवित उत्तराधिकारियों के नाम नामांतरण (दाखिल-खारिज) करने की सरकारी पहल शुरू हो रही है, जिसमें सहमति पर व्यक्तिगत और विवाद की स्थिति में संयुक्त परिवार के नाम मालिकाना हक दर्ज होगा। उन्होंने शत-प्रतिशत पात्र परिवारों के राशन कार्ड बनवाने हेतु जनप्रतिनिधियों से छूटे हुए लोगों के आवेदन कराने का आह्वान किया।

अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से बिंदुवार जवाब-तलब कर निश्चित समय-सीमा में समस्याओं के स्थायी समाधान का निर्देश दिया। साथ ही अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के फोन अनिवार्य रूप से रिसीव करने और जनसमस्याओं के निष्पादन में लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।

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