-एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
पांच जिलों के मामलों पर सख्त रुख, अधिकारियों को तय समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश
पटना, 21 सितंबर: बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रथम अपीलीय प्राधिकार के रूप में पटना प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने 30 मामलों की विस्तृत सुनवाई की। इस सुनवाई में पटना, भोजपुर, नालंदा, बक्सर और रोहतास जिले से जुड़े परिवाद शामिल रहे। आयुक्त ने तत्परता दिखाते हुए अधिकांश मामलों का ‘ऑन-स्पॉट’ समाधान किया, जबकि गहन जांच वाले मामलों में संबंधित जिलाधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों को तय समय-सीमा में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया।
रोहतास की शिवानी कुमारी द्वारा एनएच-अंचल डिहरी कार्यालय में एक कर्मी के स्थानांतरण के बावजूद 15 वर्षों से जमे रहने व अनियमितता की शिकायत पर आयुक्त ने डीएम रोहतास को एक माह में जांच प्रतिवेदन मुख्य अभियंता को भेजने तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, भोजपुर के सुपारी लाल द्वारा कोईलवर के मौजा सुरोंधा से विस्थापित होने के बाद पुनर्वास न मिलने के मामले में अपर समाहर्ता को 15 दिनों में विस्थापितों के पुनर्वास की दिशा में त्वरित कदम उठाने को कहा गया। बक्सर के दुल्हपुर स्थित कस्तूरबा गांधी स्मारक विद्यालय की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराकर विद्यालय के नाम जमाबंदी कायम करने के आवेदन पर भी शीघ्र कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया गया।
पटना जिले से जुड़े मामलों में, सोहन प्रसाद द्वारा विद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण कर बेचे जाने की शिकायत पर अपर समाहर्ता को अतिक्रमण हटाने व अवैध जमाबंदी रद्द करने के प्रस्ताव पर अग्रेतर कार्रवाई का निर्देश दिया गया। अजय कुमार द्वारा पोखर में गंदा पानी गिराए जाने की शिकायत पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी को नाला निर्माण का आदेश मिला, जबकि अविनाश कुमार के मामले में एसएसपी को वरीय पुलिस अधिकारियों की टीम गठित कर जांच रिपोर्ट तलब करने को कहा गया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि लोक शिकायतों का निपटारा पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध होना चाहिए।
