31 लोक शिकायत मामलों की सुनवाई

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एस०एन० चतुर्वेदी की रिपोर्ट

आयुक्त राजेश कुमार ने अधिकांश मामलों का किया निपटारा, लंबित मामलों में जांच और समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश

पटना, 22 अगस्त 2026। प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कैमूर, नालंदा, रोहतास और भोजपुर जिलों से संबंधित कुल 31 मामलों की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अधिकांश मामलों का निपटारा किया गया, जबकि कुछ मामलों में संबंधित जिला पदाधिकारियों को जांच कर आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

सुनवाई किए गए मामलों में स्ट्रीट लाइट लगाने, आहर-पईन की खुदाई, राजस्व अभिलेख, बिजली बिल, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण, सड़क निर्माण सहित जनहित से जुड़े विभिन्न मामले शामिल थे।

गलत EWS प्रमाण-पत्र से नौकरी की शिकायत

कैमूर जिले से संबंधित गलत EWS प्रमाण-पत्र के आधार पर शिक्षक की नौकरी प्राप्त करने की शिकायत की सुनवाई के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को अंचल अधिकारी से प्राप्त सत्यापन संबंधी प्रमाण परिवादी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने परिवादी से आरोप के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा तथा मामले में अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित करने का निर्देश दिया।

जन्म प्रमाण-पत्र में त्रुटि की जांच का निर्देश

नालंदा जिले से संबंधित मध्याह्न भोजन योजना के रसोइया के जन्म प्रमाण-पत्र में त्रुटि के मामले में आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजन को 15 दिनों में मुआवजा

भोजपुर जिले की परिवादी आरती कुमारी ने बताया कि उनके पिता की वर्ष 2021 में वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। सुनवाई के दौरान सामने आया कि अंचल अधिकारी, पीरो द्वारा संबंधित अभिलेख वर्ष 2026 में प्रस्तुत किया गया था।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने भोजपुर के जिला पदाधिकारी को निर्देश दिया कि मुआवजा भुगतान में हुई देरी के लिए जिम्मेदार पदाधिकारी एवं सरकारीकर्मी की जवाबदेही निर्धारित की जाए। साथ ही 15 दिनों के अंदर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मनरेगा और न्याय मित्र नियोजन की भी हुई सुनवाई

भोजपुर जिले से संबंधित मनरेगा में गलत तरीके से मजदूरों की हाजिरी दर्ज करने के मामले में आयुक्त ने जिला पदाधिकारी को डीडीसी की अध्यक्षता में जांच कराने और आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

इसी प्रकार त्रिलोकी कुमार उपाध्याय द्वारा न्याय मित्र के गलत तरीके से नियोजन की शिकायत की गई। मामले में प्रमंडलीय आयुक्त ने भोजपुर जिला पदाधिकारी को जांच कर आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने प्रमंडल के सभी जिलों के संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त मामलों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निवारण प्रशासन की प्राथमिकता है।