– Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher
छोटे शहरों और पर्यटन स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने पर जोर, कई जिलों में एयरपोर्ट और हेलीपैड विकसित करने की योजना
पटना, 16 अगस्त। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित संशोधित उड़ान योजना के क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के संस्करण 6.0 के संदर्भ में बिहार में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की समीक्षा की। बैठक में राज्य के अधिक से अधिक जिलों को हवाई संपर्क से जोड़ने, नए हवाई अड्डों एवं हेलीपैड विकसित करने तथा छोटे शहरों और पर्यटन स्थलों तक हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
पांच स्थानों पर हवाई सुविधाओं के विकास पर जोर
नागरिक विमानन विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार में क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार की संभावनाओं की जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सिवाया (गोपालगंज), फारबिसगंज (अररिया), किशनगंज, सारण तथा उलाव (बेगूसराय) में हवाई सुविधाओं के विकास की दिशा में आवश्यक कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य के अधिक से अधिक जिलों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए।
छह जिलों में नए हवाई स्थल और हेलीपैड की संभावना
मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद, बांका, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा एवं सीतामढ़ी सहित अन्य संभावित स्थानों पर हेलीपैड या हवाई सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा राजगीर-गया, सासाराम-कैमूर तथा शाहाबाद क्षेत्र में हेलीपैड विकसित करने की योजना पर भी काम करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता और अन्य तकनीकी पहलुओं पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार, उद्योग, निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। विशेष रूप से राज्य के पर्यटन, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को हवाई सेवाओं से जोड़ने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर हवाई संपर्क के विस्तार के लिए ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे आसपास के जिलों तथा महत्वपूर्ण पर्यटन, धार्मिक और आर्थिक केंद्रों को भी इसका लाभ मिल सके।
भूमि और तकनीकी आवश्यकताओं का जल्द आकलन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए हवाई अड्डों और हेलीपैड के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता, स्थल की उपयुक्तता, यातायात की संभावनाओं तथा अन्य तकनीकी आवश्यकताओं का शीघ्र आकलन किया जाए।
उन्होंने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा।
केंद्र के साथ समन्वय कर तैयार होंगे प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय संपर्क योजना के अनुरूप बिहार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इसके बाद केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों और प्राधिकरणों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि संशोधित उड़ान योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क का विस्तार करते हुए छोटे शहरों और कम हवाई सेवा वाले क्षेत्रों को बेहतर हवाई सुविधाओं से जोड़ना है। बिहार सरकार भी राज्य में हवाई बुनियादी ढांचे के विस्तार को इसी व्यापक लक्ष्य के अनुरूप गति देने का प्रयास कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष पराशर, परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार, नागरिक विमानन विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

