– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
बोकारो में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकली, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा रथ, भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा शहर
बोकारो, 16 जुलाई। इस्पातनगरी बोकारो में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई। हरि बोल और जय जगन्नाथ के गगनभेदी जयघोषों के बीच भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र का रथ सेक्टर-4 स्थित जगन्नाथ मंदिर से रवाना होकर सेक्टर-1 स्थित राम मंदिर (मौसीबाड़ी) पहुंचा। रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे मार्ग में पुष्पवर्षा, भजन-कीर्तन तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रथयात्रा की शुरुआत सेक्टर-4 स्थित जगन्नाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। पारंपरिक ‘पहांडी’ विधि के बाद देव प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कराया गया। इसके उपरांत पुरी की परंपरा के अनुरूप ‘छेरा-पन्हारा’ की रस्म बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने निभाई। इस अवसर पर बीएसएल के अधिशासी निदेशक, बोकारो महिला समिति की अध्यक्ष शुभम रंजन, उपाध्यक्षगण, समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रथयात्रा जगन्नाथ मंदिर से निकलकर बोकारो जनरल अस्पताल, गांधी चौक, सिटी सेंटर, पत्थरकट्टा चौक और राम मंदिर चौक होते हुए सेक्टर-1 स्थित राम मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालु बारी-बारी से रथ की रस्सी खींचते रहे और भगवान जगन्नाथ के जयघोष से शहर का वातावरण गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने रथ पर पुष्पवर्षा कर भगवान के दर्शन किए और भक्ति भाव से यात्रा का स्वागत किया।
आस्था के उत्साह से गतिमान हुआ रथ
रथयात्रा के दौरान शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। श्रद्धालु रथ के आगे-आगे फूल बरसाते हुए चल रहे थे और हरि बोल तथा जय जगन्नाथ के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ था। राम मंदिर पहुंचने पर मंदिर के पुजारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र का स्वागत किया तथा प्रतिमाओं को मौसीबाड़ी में विराजमान कराया गया।

झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई शोभा
रथयात्रा के दौरान ढोल, मंजीरे, झाल और मृदंग की थाप पर भक्ति संगीत गूंजता रहा। आकर्षक झांकियों और नाट्य मंडली के कलाकारों ने श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण केंद्र बने। भगवान राम, माता सीता, राधा-कृष्ण, महादेव, हनुमान और जामवंत सहित विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूप में सजे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रही तथा यातायात संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
बोकारो की समृद्धि और खुशहाली की कामना
रथयात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने भगवान जगन्नाथ से बोकारो एवं सभी नागरिकों के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और बोकारो निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। उन्होंने नागरिकों से आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी एक-दूसरे का ध्यान रखेंगे तो भगवान भी सबका कल्याण करेंगे।
सेवा कार्यों में जुटे सामाजिक संगठन
रथयात्रा के दौरान बोकारो महिला समिति सहित कई सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शरबत, फल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की। स्थानीय लोगों ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उल्लेखनीय है कि बोकारो इस्पात नगर में वर्ष 2001 से प्रतिवर्ष भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन भव्य रूप से किया जाता रहा है। इस वर्ष भी चास एवं आसपास के क्षेत्रों में रथयात्रा के आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
