– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता
भगवान महावीर के प्रथम कल्याणक पर दिगम्बर जैन मंदिरों में हुए अभिषेक, शांतिधारा और विशेष पूजन, विश्व शांति की कामना
पटना। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रथम कल्याणक गर्भ कल्याणक महोत्सव का आयोजन रविवार को पटना के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, मीठापुर, कमलदह सहित सभी दिगम्बर जैन मंदिरों में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के जीवन, उनके आदर्शों और अहिंसा के संदेश का स्मरण करते हुए विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
अखिल भारतीय दिगम्बर जैन महासमिति (बिहार-झारखंड) के महामंत्री एम. पी. जैन ने बताया कि महोत्सव के अवसर पर मंदिरों में भगवान महावीर का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, मंगलाचरण तथा भक्ति-आराधना का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प भी लिया।
बिहार स्टेट दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के मानद मंत्री पराग जैन ने कहा कि गर्भ कल्याणक वह पावन अवसर है, जब तीर्थंकर भगवान महावीर की आत्मा माता त्रिशला के गर्भ में अवतरित हुई थी। यह घटना समस्त जीवों के कल्याण, अहिंसा, सत्य, करुणा और आत्मसंयम के दिव्य संदेश का प्रतीक मानी जाती है।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का जीवन आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। अहिंसा, अनेकांतवाद, अपरिग्रह, सत्य और आत्मानुशासन जैसे उनके सिद्धांत वर्तमान समय में भी समाज को शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने लोगों से भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलकर सामाजिक समरसता और मानव कल्याण में योगदान देने का आह्वान किया।
महोत्सव के समापन पर विश्व शांति, मानव कल्याण और सर्वमंगल की कामना के साथ आरती की गई। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिक, महिला मंडल, युवा वर्ग तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

