– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
पर्यटन विभाग के अधीक्षण अभियंता के ठिकानों पर छापेमारी, प्रत्यानुपातिक संपत्ति मामले में करोड़ों रुपये के निवेश और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद
पटना। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (वीजिलेंस) ने प्रत्यानुपातिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में पर्यटन विभाग, बिहार के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा के पटना स्थित आवास और कार्यालय सहित तीन ठिकानों पर सर्च वारंट के आधार पर छापेमारी की। ब्यूरो के अनुसार, तलाशी के दौरान अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और आभूषणों से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले की जांच जारी है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, निगरानी थाना कांड संख्या 084/26 दिनांक 16 जुलाई 2026 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत अवधेश कुमार सिन्हा के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से लगभग 75 प्रतिशत अधिक, यानी 1 करोड़ 41 लाख 90 हजार रुपये की प्रत्यानुपातिक संपत्ति अर्जित की।
ब्यूरो ने बताया कि विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर 17 जुलाई 2026 को तीन अलग-अलग तलाशी दलों ने पटना जिले में स्थित अभियुक्त के आवास एवं कार्यालय सहित तीन परिसरों की देर रात तक तलाशी ली।
तलाशी के दौरान फ्रेंड्स कॉलोनी, आशियाना नगर स्थित लगभग 2 कट्ठा 4 धूर भूमि से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए, जिसकी खरीद कीमत 75.63 लाख रुपये अंकित है। इसी भूमि पर निर्मित मकान से संबंधित एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) भी मिला, जिसमें निर्माण कार्य के लिए 20 लाख रुपये के भुगतान तथा शेष 97 लाख रुपये आठ किस्तों में भुगतान किए जाने का उल्लेख है।
इसके अलावा लगभग 75.62 लाख रुपये मूल्य के एक अन्य भूमि एग्रीमेंट के दस्तावेज, केनरा बैंक के एक लॉकर का विवरण, 61 हजार रुपये नकद, लगभग 5.05 लाख रुपये मूल्य के स्वर्णाभूषण, 3.07 लाख रुपये मूल्य के हीरा जड़ित स्वर्णाभूषण तथा 1.52 लाख रुपये मूल्य के चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
निगरानी ब्यूरो ने तलाशी के दौरान 12 संपत्ति संबंधी डीड, 19 बैंक खातों के दस्तावेज, विभिन्न बीमा योजनाओं में निवेश से जुड़े कागजात, तीन फ्लैटों के दस्तावेज तथा एक हुंडई कार से संबंधित अभिलेख भी जब्त किए हैं। बैंक लॉकर को विधिवत खोलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और अनुसंधान के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

