– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता
बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो ने आयोजित की PDOT प्रशिक्षक कार्यशाला, विदेश जाने वाले कामगारों को सुरक्षित और व्यवस्थित प्रवास के लिए प्रशिक्षित करने पर जोर
पटना, 20 जुलाई। बिहार के युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसरों से जोड़ने तथा विदेशों में कामगारों के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रवास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो द्वारा सोमवार को नियोजन भवन स्थित प्रतिबिंब सभागार में एक दिवसीय प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (PDOT) प्रशिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता निदेशालय, नियोजन एवं प्रशिक्षण के निदेशक-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी एवं बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो के निदेशक सुनील कुमार ने की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले कामगारों को सुरक्षित, जागरूक एवं व्यवस्थित प्रवास के लिए प्रशिक्षित करने हेतु प्रशिक्षकों को आवश्यक जानकारी, तकनीकी कौशल और प्रक्रियात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना था।
अपने संबोधन में निदेशक सुनील कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता बिहार के युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण अंतरराष्ट्रीय रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा अपनी प्रतिभा के बल पर वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकते हैं और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली अधिकृत नियोक्ता एजेंसियों के साथ समन्वय को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि युवाओं को सुरक्षित माध्यम से बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें और किसी प्रकार की धोखाधड़ी या अवैध भर्ती से बचाया जा सके।
कार्यशाला के दौरान नियोजन निदेशालय के अधिकारियों ने प्रशिक्षकों को प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (PDOT) के उद्देश्य एवं महत्व की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में विदेश जाने वाले कामगारों को प्रस्थान से पहले आवश्यक दस्तावेज, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश, कार्यस्थल पर अधिकार एवं दायित्व, संबंधित देशों के स्थानीय कानून, श्रम नियम, संस्कृति तथा सामाजिक रीति-रिवाजों की जानकारी देने पर विशेष बल दिया गया।
प्रशिक्षण सत्र में ई-माइग्रेंट पोर्टल और विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के उपयोग, प्रशिक्षक एवं संस्थान के रूप में लॉग-इन प्रक्रिया, श्रमिकों के पंजीकरण, डाटा एंट्री तथा बैच प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इसके अलावा प्रशिक्षकों को प्रवासी श्रमिकों के लिए आवश्यक दस्तावेजों, आपातकालीन संपर्क नंबरों, भारतीय दूतावास की भूमिका तथा विदेश में सहायता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध विभिन्न डिजिटल पोर्टलों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि विदेश जाने वाले प्रत्येक श्रमिक को संबंधित देश के कानूनों और सामाजिक व्यवस्था की जानकारी होना आवश्यक है, जिससे उनका प्रवास सुरक्षित और सफल हो सके।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक (नियोजन) प्रियंका कुमारी, उप निदेशक (नियोजन) श्याम प्रकाश शुक्ला, उप निदेशक (नियोजन) अश्वजीत कुमार परासर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य के सभी जिलों के नियोजन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

