नीट में इशान बने बोकारो टॉपर

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

री-नीट 2026 में एआईआर 517 हासिल कर जिले का बढ़ाया मान, चिन्मय विद्यालय पहुंच गुरुजनों से लिया आशीर्वाद

बोकारो, 20 जुलाई। चिन्मय विद्यालय, बोकारो के छात्र इशान गोप ने री-नीट (यूजी)-2026 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 517 प्राप्त की है। 720 में से 670 अंक और 99.972 परसेंटाइल हासिल करने वाले इशान ने बोकारो जिले में शीर्ष स्थान प्राप्त कर विद्यालय और जिले का गौरव बढ़ाया है। सफलता के बाद सोमवार को वह अपने माता-पिता के साथ विद्यालय पहुंचे और गुरुजनों का आशीर्वाद लिया।

विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में सचिव महेश त्रिपाठी, प्राचार्य सूरज शर्मा, वरीय उप-प्राचार्य नरमेंद्र कुमार तथा उप-प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा ने इशान को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर ‘ऊंची उड़ान’ के देबज्योति बराल भी उपस्थित रहे।

बचपन से था चिकित्सा क्षेत्र का सपना

इशान गोप ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का सपना उन्होंने बचपन से ही देखा था। उनके पिता भगिरथ गोप केंद्र सरकार में कार्यरत हैं और माता श्वेता कुमारी गृहिणी हैं। उन्होंने कहा कि परिवार का सकारात्मक माहौल और पिता का प्राणी विज्ञान (जूलॉजी) का अध्ययन-अध्यापन से जुड़ा अनुभव उनकी तैयारी में काफी सहायक रहा। बचपन में चाचा द्वारा मानव शरीर से संबंधित चार्ट उपलब्ध कराने से जीव विज्ञान के प्रति उनकी रुचि और गहरी हुई।

कठिन परिस्थितियों में भी बनाए रखा आत्मविश्वास

इशान ने बताया कि पहली नीट परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा परीक्षा की तैयारी के लिए सीमित समय मिला। इसके बावजूद उन्होंने निराश होने के बजाय अपनी तैयारी जारी रखी। उन्होंने बताया कि मूल परीक्षा और री-नीट, दोनों अवसरों पर उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखते हुए परीक्षा दी और सफलता हासिल की।

उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार जारी रहे।

निरंतर अभ्यास को बताया सफलता की कुंजी

इशान के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सबसे बड़ा आधार नियमित अभ्यास और विषय की गहरी समझ है। उन्होंने परीक्षा से पहले लगातार दो महीने तक सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट का अभ्यास किया, जिससे उन्हें वास्तविक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली।

भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने बताया कि वे न्यूरो सर्जन बनकर चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। मस्तिष्क एवं तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि है और वे समाज की सेवा को अपना लक्ष्य मानते हैं।

विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा ने इशान की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।