– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता
चार वर्षीय स्नातक सत्र 2026-30 के विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और नई शिक्षा नीति से कराया गया परिचित
खगौल, 16 जुलाई। जगत नारायण लाल (जे.एन.) कॉलेज, खगौल, पटना में चार वर्षीय स्नातक सत्र 2026-30 के नव नामांकित प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रधानाचार्या प्रो. मधुप्रभा सिंह ने की। इस अवसर पर विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, नई शिक्षा नीति और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
अपने संबोधन में प्रधानाचार्या प्रो. मधुप्रभा सिंह ने कहा कि शिक्षा की शुरुआत अनुशासन से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गूगल से जानकारी प्राप्त की जा सकती है, लेकिन संस्कार और व्यवहारिक ज्ञान शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं उनके सान्निध्य से ही प्राप्त होता है।

अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. गिरिजेश नंदन कुमार ने विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मसम्मान और संघर्ष के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है।
आईक्यूएसी (IQAC) निदेशक एवं इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. निखिल कुमार सिंह ने महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने सभी विभागों के शिक्षकों का परिचय भी कराया।
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. शशिकांत ने विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक दायित्वों से अवगत कराते हुए कहा कि ज्ञान का वास्तविक आधार शिक्षा का आदान-प्रदान और सतत अध्ययन है।
कार्यक्रम में दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. जनार्दन प्रसाद, राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सैयद सरवर इमाम, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना भारती, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. अवंतिका कुमारी, रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. शुभांगी त्रिपाठी, प्राणिशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. मेधावी सुदर्शन, गणित विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता कुमारी, भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. कोणार्क बिष्ट तथा पर्यावरण विज्ञान की डॉ. सोहनी सिन्हा ने विद्यार्थियों को अपने-अपने विषयों के पाठ्यक्रम और अध्ययन पद्धति की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता कुमारी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थी, उनके अभिभावक तथा महाविद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।

