– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
अंतरराष्ट्रीय जादूगर डॉ. शिवाजी के ‘मैजिक एवं इल्यूजन शो’ ने विद्यार्थियों को किया मंत्रमुग्ध, विज्ञान और गणित से जोड़ा जादू का रहस्य
बोकारो, 29 जुलाई। चिन्मय विद्यालय, बोकारो में बुधवार को आयोजित ‘मैजिक एवं इल्यूजन शो’ ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को रोमांच, मनोरंजन और ज्ञान का अनूठा अनुभव कराया। अंतरराष्ट्रीय जादूगर डॉ. शिवाजी ने अपने आकर्षक जादुई करतबों से उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में चिन्मय मिशन बोकारो की आवासीय आचार्या स्वामिनी संयुक्तानंदा सरस्वती, सचिव महेश त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष आर. एन. मलिक, प्राचार्य सूरज शर्मा, वरीय उप-प्राचार्य नरेंद्र कुमार तथा उप-प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. शिवाजी ने जादू की बुनियादी अवधारणाओं को सरल ढंग से समझाते हुए की। इसके बाद उन्होंने जलती हुई छड़ी को देखते ही देखते सुंदर फूल में बदल दिया, जिसे देखकर बच्चे आश्चर्यचकित रह गए। इसके बाद खाली किताब से जीवित कबूतर निकालने, पेपर ट्रिक और अन्य रोमांचक इल्यूजन प्रस्तुत किए, जिन पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
Follow this link to JOIN our WhatsApp Community
जादू नहीं, विज्ञान और गणित का अद्भुत मेल
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. शिवाजी ने कहा कि जादू किसी प्रकार का तंत्र-मंत्र या अंधविश्वास नहीं है, बल्कि यह विज्ञान, गणित, मनोविज्ञान, अवलोकन क्षमता और हाथ की सफाई के संतुलित संयोजन की एक कला है। उन्होंने बच्चों को कुछ सरल और रोचक जादुई ट्रिक्स भी सिखाईं तथा उन्हें रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यालय प्रबंधन का भव्य आयोजन के लिए आभार भी व्यक्त किया।
विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा ने कहा कि चिन्मय विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए विविध रचनात्मक गतिविधियों का अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में जिज्ञासा, कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच का विकास करते हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने डॉ. शिवाजी तथा उनकी पत्नी लिशा के प्रति आभार व्यक्त किया।

