डीपीएस चास में सांस्कृतिक महोत्सव ‘आविर्भाव’ का आगाज

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

वाद्य यंत्र प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बिखेरा सुरों का जादू, आईपीएस ऋषभ कुमार झा बोले- संगीत और कला से होता है व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास

बोकारो, 29 जुलाई। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) चास में बुधवार को चार दिवसीय अंतर सदन सांस्कृतिक महोत्सव ‘आविर्भाव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन आयोजित वाद्य यंत्र प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों के विद्यार्थियों ने तबला, की-बोर्ड, गिटार, बांसुरी, ड्रम्स, कोंगो और डरबुक्का जैसे विभिन्न वाद्य यंत्रों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम का उद्घाटन जैप-4 के समादेष्टा (कमांडेंट) एवं आईपीएस अधिकारी ऋषभ कुमार झा, विद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा तिवारी तथा डी.एस. मेमोरियल सोसाइटी के सचिव सुरेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

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मुख्य अतिथि ऋषभ कुमार झा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगीत, कला और सांस्कृतिक गतिविधियां व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में अनुशासन, धैर्य, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं। प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने विद्यार्थियों के करियर, लक्ष्य निर्धारण और सफलता से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्हें निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।

वाद्य यंत्र प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में द पेंटेकोस्टल असेंबली स्कूल के प्रसेनजीत शर्मा, जीजीपीएस सेक्टर-5 के संजीव मजूमदार तथा एमजीएम स्कूल के अश्विनी कुमार शामिल रहे। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सतलज सदन ने प्रथम, जमुना सदन ने द्वितीय तथा गंगा सदन और चेनाब सदन ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रो वाइस चेयरमैन राजेश अग्रवाल, प्राचार्या डॉ. मनीषा तिवारी तथा डी.एस. मेमोरियल सोसाइटी के सचिव सुरेश अग्रवाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, टीम भावना, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक चेतना का विकास करते हैं। साथ ही भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शिक्षा के समन्वय को भी मजबूत बनाते हैं।

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