एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
पटना, 14 सितम्बर : खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी,पटना में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उर्दू भाषा ,साहित्य और समृद्ध गंगा-जमुनी तहज़ीब से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। उक्त बातें बताते हुए राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मो.इर्शादुल्लाह ने कहा कि इस विशेष कार्यक्रम के दौरान “यादों की चिराग” पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया। यह पुस्तक साहित्यऔर स्मृतियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कृति के रूप में पाठकों के लिए प्रस्तुत की गई।

कार्यक्रम में उर्दू भाषा एवं साहित्य के संरक्षण,संवर्धन और नई पीढ़ी तक इसकी समृद्ध विरासत को पहुंचाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। उन्होनें कहा कि उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी साझा संस्कृति, तहज़ीब, अदब और सामाजिक सौहार्द की खूबसूरत पहचान है।ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी विरासत को सहेजने औरआने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “यादों की चिराग” के लोकार्पण के साथ साहित्य और संस्कृति की इस खूबसूरत यात्रा को एक नई रोशनी मिली।
