–संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
महाराष्ट्र एटीएस अधिकारी बनकर पाकिस्तानी खाते से 300 करोड़ के लेनदेन का दिखाया था डर, एमआरएम मॉड्यूल से पीड़ितों को लौटी रकम
बोकारो, 28 सितम्बर 2026 : बोकारो साइबर अपराध थाना पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा से दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बोकारो के निर्देशानुसार तथा पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष छापामारी दल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह बड़ी सफलता हासिल की।
घटना के संबंध में गोमिया थाना क्षेत्र निवासी पुष्पलता त्रिपाठी ने साइबर थाने में कांड संख्या-08/2026 दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने महाराष्ट्र एटीएस (ATS) का फर्जी अधिकारी बनकर वादिनी के पति गिरिश दत्त त्रिपाठी को कॉल किया। ठगों ने आरोप लगाया कि उनके बैंक खाते में पाकिस्तानी खाते से 300 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ है और कमीशन के रूप में उन्हें 16 लाख रुपये मिले हैं। इसके बाद गिरफ्तारी का गंभीर भय दिखाकर (डिजिटल अरेस्ट कर) पीड़ितों से कुल 4,50,000 रुपये ठग लिए गए।

मामले की जांच में जुटी विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए आगरा में दबिश देकर दो अभियुक्तों—रवि कुमार (23 वर्ष, निवासी बेलनगंज, हरिपर्वत, आगरा) और ऋतिक कुशवाहा (21 वर्ष, निवासी खेरागढ़, आगरा) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से साइबर ठगी के वित्तीय लेनदेन, ऑडियो और मैसेज के साक्ष्य वाले दो महंगे स्मार्टफोन (आईफोन 15 और नथिंग फोन 3ए) बरामद कर जब्त किए गए हैं। इस अंतरराज्यीय कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले अनुसंधानकर्ता गौरव गोयल, प्रमोद कुमार पंडित, रमेश कुमार, रितेश कुमार और सुनील मण्डल को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
इसके साथ ही, बोकारो साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के जरिए साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों के 4,30,009 रुपये सफलतापूर्वक वापस कराए हैं। इनमें 16 विभिन्न खाताधारकों के 1,50,957 रुपये तथा कांड संख्या-35/2026 के पीड़ित प्रवीण कुमार के एचडीएफसी बैंक खाते में 2,79,052 रुपये वापस दिलाए गए। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे डिजिटल अरेस्ट जैसी किसी भी फर्जी कॉल से न डरें और साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
