–लाइव ख़बर नेशन || संतोष श्रीवास्तव
चौथे दिन पहुंचा विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन, विधायक श्वेता सिंह ने बीएसएल के खिलाफ खोला मोर्चा
बोकारो, 13 अक्टूबर 2026: इस्पातनगरी बोकारो में विकास के दावों के बीच विस्थापितों और बीएसएल प्रबंधन के बीच टकराव और गहराता जा रहा है। एडीएम बिल्डिंग के समक्ष टू-टैंक गार्डन में अपने अधिकारों और नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ और विभिन्न विस्थापित संगठनों की बेमियादी भूख हड़ताल मंगलवार को लगातार चौथे दिन जारी रही। अनशन के चौथे दिन धरना स्थल पर बैठी सीआईएसएफ लाठीचार्ज के दौरान जान गंवाने वाले शहीद प्रेम महतो की बुजुर्ग मां गोमती देवी सहित सात आंदोलनकारियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। गोमती देवी के अत्यधिक कमजोरी के चलते अचेत होने से धरना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के डॉक्टर कामाख्या ने प्राथमिक जांच के बाद पाया कि लगातार भूखे रहने के कारण उनका ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक नीचे आ गया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत बोकारो सदर अस्पताल भेजा गया। दोपहर में संगीता कुमारी, सुमन कुमारी, गणेश साहू, हराधन किस्कू, विकास दिगार और जयबली मुर्मू की भी हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अनशनकारियों ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर तैनात मेडिकल टीम केवल खानापूर्ति कर रही है, जिससे मरीजों को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
इधर, विस्थापितों के आंदोलन को खुला समर्थन देते हुए बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने बीएसएल प्रबंधन के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रबंधन कोरे आश्वासनों के बजाय वार्ता के जरिए समयबद्ध समाधान निकाले, नहीं तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने इसे माटी के सम्मान और भविष्य की लड़ाई बताते हुए बोकारो की सभी प्रमुख मजदूर यूनियनों को पत्र लिखकर एकजुट होने की अपील की है। विधायक ने चतुर्थ श्रेणी में विस्थापितों का नियोजन, अप्रेंटिस युवाओं को तत्काल नौकरी और शहीद प्रेम महतो के आश्रित को स्थायी नियोजन देने की प्रमुख मांगें रखी हैं।

