पटना में खाद्य संरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: जंग लगे टिन में मिला 360 किलो नकली घी, कई दुकानों पर ताला

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–लाइव ख़बर नेशन || संतोष श्रीवास्तव

क्वालिटी कॉर्नर, प्लाजा स्वीट्स और गोपाल डेयरी सहित कई जगह छापेमारी, भारी मात्रा में जला तेल और बासी मिठाइयां नष्ट

पटना, 15 अक्टूबर 2026: त्योहारी सीजन में राजधानी पटना के लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के खाद्य संरक्षा विंग ने ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया। खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के कड़े निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में मिठाई दुकानों, डेयरी प्रतिष्ठानों और खान-पान के केंद्रों पर सघन जांच की। इस दौरान नंदनी पाम ऑयल के पुराने जंग लगे टिनों में भरा ₹2.52 लाख मूल्य का 360 किलोग्राम नकली घी जब्त किया गया। साथ ही 60 लीटर जला हुआ कुकिंग तेल, बासी समोसे, खराब पनीर, मैदा और मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कराया गया। बिना लाइसेंस कारोबार करने वाली दुकानों को तत्काल बंद कराने के आदेश दिए गए।

जांच के दौरान कंकड़बाग के मुन्ना चक स्थित गोपाल पटना डेयरी से ₹2.52 लाख मूल्य के 360 किलोग्राम पुराने जंग लगे डिब्बों में रखा घी, रसगुल्ला और छेना जब्त किया गया। वहीं कुरकुरी स्थित ए.के. डेयरी प्रोडक्ट से छेना मिठाई, गुलाब जामुन और पेड़ा सहित ₹83,420 मूल्य की सामग्री जब्त कर जांच के लिए भेजी गई। बोरिंग रोड स्थित क्वालिटी कॉर्नर में रसोईघर में गंदगी, खुला कूड़ादान और टूटे फर्श जैसी अनियमितताओं के बीच खराब मिठाइयां व जला तेल नष्ट कर 14 दिनों का सुधार नोटिस थमाया गया। बुद्ध मार्ग स्थित प्लाजा स्वीट्स एंड चाट में गंदा मैदा, मटमैला सिरका और जला तेल नष्ट कर बिना वैध अनुज्ञप्ति के कारोबार करने पर नोटिस दिया गया।

फ्रेजर रोड स्थित पनीर एंड स्नैक्स कॉर्नर में बासी समोसे, जला रिफाइंड तेल और एक्सपायरी बेकिंग पाउडर नष्ट कराया गया। यहां विनिर्माण अनुज्ञप्ति के बिना खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी। मलाही पकड़ी स्थित अपना लिट्टी दुकान में भी खराब पनीर और जला तेल नष्ट कराया गया। राजीव नगर के सैंडविच प्रतिष्ठान में कीट नियंत्रण और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के अभाव में सुधार नोटिस दिया गया। इधर, नया टोला स्थित डेजी स्वीट्स, तृप्ति मिष्टान्न भंडार और विजयनगर एजी कॉलोनी स्थित पन्नालाल कारखाने में अनिवार्य खाद्य अनुज्ञप्ति न मिलने पर उन्हें बंद कराने की सख्त कार्रवाई की गई। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मिलावटखोरी और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह अभियान अनवरत जारी रहेगा।

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