– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता
AIJGF प्रतिनिधिमंडल ने चिराग पासवान से की मुलाकात, BNS धारा 317, राष्ट्रीय साहूकारी नीति, बुलियन बैंक और स्वर्ण-रजत मूल्य प्राधिकरण पर दिए नीति सुझाव
नई दिल्ली/पटना, 16 जुलाई। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से नई दिल्ली में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय ज्वेलरी उद्योग से जुड़े चार राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए नीति सुधार संबंधी प्रस्ताव सौंपे।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत का ज्वेलरी उद्योग देश के सबसे बड़े सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्रों में शामिल है, जिससे लगभग 3.5 करोड़ लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। ऐसे में उद्योग से जुड़े विषय रोजगार, वित्तीय समावेशन, निर्यात, विदेशी मुद्रा बचत तथा उपभोक्ता हितों से सीधे जुड़े हुए हैं।
बैठक में पहला प्रमुख प्रस्ताव भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 के तहत पूरे देश में एक समान जांच व्यवस्था लागू करने का रखा गया। AIJGF ने सुझाव दिया कि गृह मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करे, दस्तावेज़ आधारित जांच को प्राथमिकता दी जाए तथा जीएसटी, केवाईसी, खरीद अभिलेख और सीसीटीवी रिकॉर्ड को प्रारंभिक साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाए। साथ ही पुलिस अधिकारियों के लिए आभूषण व्यापार संबंधी विशेष प्रशिक्षण की भी मांग की गई।
दूसरे प्रस्ताव के तहत फेडरेशन ने राष्ट्रीय साहूकारी नीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विभिन्न राज्यों में अलग-अलग कानून लागू होने से व्यापारियों और ग्राहकों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए समान न्यूनतम मानक, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली और प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया गया।
तीसरे प्रस्ताव में स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के पुनर्गठन तथा राष्ट्रीय बुलियन बैंक व्यवस्था स्थापित करने की मांग की गई। फेडरेशन ने कहा कि देश में उपलब्ध निष्क्रिय स्वर्ण को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए बुलियन बैंक, स्वर्ण धातु ऋण, स्वर्ण जमा योजना तथा डिजिटल निगरानी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और ज्वेलरी उद्योग को मजबूती मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने चौथे प्रस्ताव के रूप में राष्ट्रीय स्वर्ण एवं रजत मूल्य प्राधिकरण (NGPA) के गठन का सुझाव दिया। फेडरेशन का कहना है कि देशभर में स्वर्ण एवं रजत के लिए एक आधिकारिक राष्ट्रीय संदर्भ मूल्य उपलब्ध होने से मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता आएगी, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा तथा एमएसएमई ज्वेलर्स को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा।
AIJGF के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि ज्वेलरी उद्योग केवल व्यापार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आजीविका और देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के साथ मिलकर ऐसे व्यावहारिक एवं दूरदर्शी सुधार चाहता है, जो उद्योग को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, तकनीक आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सकें।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उद्योग से जुड़े इन महत्वपूर्ण सुझावों पर संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सकारात्मक पहल की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महासचिव पंकज अरोड़ा, AIJGF के राष्ट्रीय मीडिया सचिव सागर केसरवानी, अंतरराष्ट्रीय एवं एमएसएमई अध्यक्ष अजय भंडारी, अजय अग्रवाल तथा सुरेंद्र जैन सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

