सहकारिता नीति व अधिप्राप्ति समस्याओं पर सहकारी बैंक अध्यक्षों की बैठक, लिए गए कई बड़े निर्णय

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– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

प्रत्येक प्रखंड में खुलेगी सहकारी बैंक की शाखा, पैक्स व सीएमआर भुगतान संबंधी कठिनाइयों पर बनी सहमति

पटना, 04 सितंबर 2026: बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों (DCCB) के अध्यक्षों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में “बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026”, अधिप्राप्ति में हो रही व्यावहारिक व वित्तीय कठिनाइयों तथा बैंकों के प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण पर विस्तृत चर्चा कर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

सहकारिता नीति और प्रशासनिक सुधार संबंधी मुख्य सुझाव

बैठक में मांग की गई कि राज्य की सभी सहकारी संस्थाओं में डेलिगेट व्यवस्था लागू हो। सदस्यता प्रवेश शुल्क 100 रुपये तथा एक हिस्से का मूल्य 1000 रुपये निर्धारित किया जाए। समिति में 50 प्रतिशत निर्वाचन होने पर उसे भंग करने के बजाय निर्वाचित सदस्यों की सहमति से संचालन की व्यवस्था हो और चुनाव में देरी के लिए बोर्ड को दोषी न ठहराया जाए। कृषि संबंधी बैठकों में शीर्ष सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल करने तथा जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के पदाधिकारियों का गोपनीय प्रतिवेदन (CR) अध्यक्ष द्वारा दिए जाने की मांग उठी। साथ ही, जिले की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों (दुग्ध, मत्स्य, बुनकर, सब्जी, व्यापार मंडल आदि) का खाता DCCB में खुलवाने, प्रत्येक प्रखंड में बैंक की कम से कम एक शाखा खोलने के लिए वित्तीय सहायता देने और आधुनिक बैंकिंग अनुभव हेतु साझा क्लाउड व साइबर सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।

अधिप्राप्ति और सीएमआर व्यवस्था को सुगम बनाने की मांग

अधिप्राप्ति में हो रही वित्तीय हानियों को रोकने के लिए प्रमुख मांगें रखी गईं:

  • पैक्स, बैंक और एसएफसी के बीच त्रिपक्षीय समझौता पूर्व की भांति अनिवार्य रूप से लागू हो।
  • सीएमआर (CMR) राशि का भुगतान निर्धारित 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
  • राइस मिलों का चयन पैक्स की सहमति से हो और मिल से चावल जमा कराने की जिम्मेदारी एसएफसी की हो, जिससे पैक्स जवाबदेही से मुक्त रहें।
  • 50 प्रतिशत अरवा और 50 प्रतिशत उसना चावल की व्यवस्था की जाए तथा टास्क फोर्स की बैठकों में संस्था के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
  • वर्ष 2012-13 के बाद से मिलिंग, मंडी श्रम, कमीशन और हैंडलिंग शुल्क में वृद्धि नहीं हुई है, जिसे महंगाई के अनुरूप तत्काल पुनरीक्षित किया जाए ताकि अधिप्राप्ति कार्य पैक्स के लिए लाभप्रद हो सके।

बैठक में अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे के अलावा आरा से सत्येन्द्र नारायण सिंह, मुंगेर से मिन्टु देवी, मगध से विनय कुमार, गोपालगंज से महेश राय, पाटलिपुत्र से रितेश कुमार, रहिका से रमन कुमार सिंह, वैशाली से सुधीर रंजन प्रसाद, समस्तीपुर से विनोद कुमार राय, खगड़िया से अखिलेश कुमार विद्यार्थी एवं मोतिहारी से दिलीप कुमार सहित कई जिलों के बैंक अध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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