बोकारो स्टील प्लांट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: मुख्य द्वार के 200 मीटर दायरे में धारा 163 लागू

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-लाइव ख़बर नेशन || संतोष श्रीवास्तव

उत्पादन ठप होने और 30 करोड़ के दैनिक नुकसान के बाद कड़ा फैसला, कड़ी सुरक्षा में कर्मियों को कराया गया प्रवेश

बोकारो, 18 अक्टूबर 2026 : नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित संगठनों द्वारा बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) की मुकम्मल घेराबंदी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट और एसएमएस जैसी अहम इकाइयों का कामकाज बाधित होने और रोजाना करीब 30 करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान को देखते हुए चास अनुमंडल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अनुमंडल दंडाधिकारी प्रांजल ढांडा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (1) के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए संयंत्र के मुख्य द्वार के 200 मीटर परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश रविवार सुबह 5:00 बजे से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।

रविवार सुबह चास एसडीओ, मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार और सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। पुलिस बल ने मानव श्रृंखला बनाकर कर्मियों को सुरक्षित प्लांट के भीतर प्रवेश कराया। आदेश के अनुसार, चिन्हित 200 मीटर के दायरे में पांच या पांच से अधिक लोगों के जुटने, हथियार, लाठी-डंडा अथवा किसी भी प्रकार के औजार लेकर चलने, जुलूस निकालने या सभा करने पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों और सुरक्षा बलों को छोड़कर किसी भी बाहरी व्यक्ति का इस परिधि में प्रवेश वर्जित रहेगा।

चास अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टू-टैंक मैदान पर शांतिपूर्ण धरने पर प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन प्लांट के गेट जाम कर कर्मियों को घंटों भीतर बंधक बनाना, उत्पादन रोकना और गैस प्रणालियों की सुरक्षा को खतरे में डालना कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी संगठनों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक सेवाओं के आवागमन में बाधा न डालने का अनुरोध किया है।

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