बोकारो थर्मल में दो दर्दनाक हाइवा हादसे: महिला की मौत, केबिन में फंसा चालक गंभीर

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– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

क्षतिग्रस्त केबिन से जेसीबी की मदद से निकाला गया चालक, ओवरलोडिंग व सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर फूटा गुस्सा

बोकारो थर्मल, 03 सितंबर 2026: बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार को दो अलग-अलग स्थानों पर हुए भीषण हाइवा हादसों से समूचे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और स्थानीय यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। इन दर्दनाक सड़क दुर्घटनाओं में जहां एक महिला की मौके पर ही कुचलकर जान चली गई, वहीं दूसरे हादसे में एक हाइवा चालक अपने ही वाहन के बुरी तरह पिचक चुके केबिन में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका।

पहली घटना गुरुवार शाम करीब सात बजे की है। डीवीसी (DVC) के ऐश पौंड से छाई (फ्लाई ऐश) लोड कर हजारीबाग की ओर जा रहे जेडीएनएस कंपनी के दो हाइवा आपस में टकरा गए। बोकारो थर्मल और नया बस्ती के बीच पीछे से तेज गति में आ रहे हाइवा (संख्या: पीबी 03बीआर 2073) ने आगे चल रहे दूसरे हाइवा (संख्या: जेएच 12एस 1416) को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीछे वाले हाइवा का केबिन पूरी तरह चकनाचूर होकर दब गया और उसमें उत्तर प्रदेश के एटा निवासी चालक गजेंद्र यादव बुरी तरह फंस गया।

हादसे की सूचना मिलते ही गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव स्थानीय ग्रामीणों के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए जेसीबी मशीन मंगवाई और क्षतिग्रस्त केबिन को खिंचवाकर उसमें फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव ने पुलिस बल के सहयोग से घायल चालक को तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु डीवीसी अस्पताल भेजा। इस दुर्घटना के बाद मार्ग पर छाई लदे भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे आवागमन काफी देर तक बाधित रहा।

वहीं, दूसरा हादसा गुरुवार दिन के समय नरकी-कोनारडैम मुख्य मार्ग पर जमनीजारा के निकट पेश आया। हजारीबाग की दिशा से आ रहे एक खाली हाइवा (संख्या: जेएच 10सीवाई 1695) ने कर्री निवासी एक महिला को अपनी चपेट में लेते हुए बेरहमी से कुचल दिया। हादसे में महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं पर गहरा दुख और रोष प्रकट करते हुए सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने कहा कि क्षेत्र में दौड़ रहे अधिकांश भारी हाइवा वाहनों में उपचालक (खलासी) तक नहीं रखे जा रहे हैं और वाहनों में धड़ल्ले से ओवरलोडिंग की जा रही है। उन्होंने बोकारो के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) से स्वयं घटनास्थल का दौरा कर ऐसे भारी और अनियंत्रित वाहनों की सघन जांच कराने तथा लापरवाह वाहन संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।

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